Year Ender 2025: दबाव में निखरें सितारें! इस साल टीम इंडिया के लिए इन खिलाड़ियों की 5 ऐतिहासिक पारियां, जिन्होंने फाइनल और नॉकआउट में पलटा पासा
भारत (Photo Credit: X Formerly Twitter)

Year Ender 2025:  साल 2025 भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम(India National Cricket Team) के लिए दबाव, उम्मीद और बड़े मंच पर खुद को साबित करने की कहानी लेकर आया. फाइनल और नॉकआउट मुकाबलों में हालात ऐसे रहे, जहां एक शांत ओवर भी तूफान जैसा महसूस हुआ और एक साझेदारी ने जीत व हार के बीच की रेखा खींच दी. इस साल भारत की सबसे यादगार पारियां सिर्फ बड़े स्कोर की वजह से खास नहीं रहीं, बल्कि इसलिए कि उन्होंने मुश्किल हालात में खेल को संभाला, मैच की रफ्तार बदली और बड़े मंच को काबू में दिखाया. आइए नज़र डालते हैं उन पांच पारियों पर, जिन्होंने 2025 में भारतीय क्रिकेट की पहचान तय की. ICC विश्व कप से पहले शुभमन गिल समेत इन 5 खिलाड़ियों की फुटी किस्मत, टीम इंडिया से हुए ड्रॉप

2025 में भारत की ये पांच पारियां सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं थीं। ये वो पारियां थीं, जिन्होंने दबाव को साधा, बड़े मौकों को अपने नाम किया और भारतीय क्रिकेट को यादगार लम्हे दिए. यही वजह है कि ये पारियां आने वाले वर्षों तक भारतीय क्रिकेट इतिहास में खास जगह बनाए रखेंगी.

शुभमन गिल (Shubman Gill): पांचवें नंबर पर रही शुभमन गिल की 269 रनों की ऐतिहासिक पारी, जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में खेली. यह सिर्फ एक दोहरा शतक नहीं था, बल्कि एक ऐसी पारी थी जिसने पूरा टेस्ट मैच भारत के पक्ष में झुका दिया. बतौर कप्तान शुभमन गिल का यह सर्वोच्च टेस्ट स्कोर रहा, जिसमें धैर्य, समय और नियंत्रण साफ नजर आया. उन्होंने गेंदबाजों को थकाया, इंग्लैंड की रणनीतियों को बेअसर किया और लंबे समय तक दबदबा बनाए रखा.

विराट कोहली (Virat Kohli): चौथे स्थान पर रही विराट कोहली की पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेली गई नाबाद 100 रन की पारी. यह शतक रन चेज़ के सबसे कठिन दबाव में आया, जहां हर डॉट बॉल भारी लग रही थी. विराट ने स्ट्राइक रोटेशन से पारी को संभाला और फिर विजयी चौके के साथ अपना शतक पूरा किया. यह वही क्लासिक विराट का शांत, सटीक और निर्दयी अंदाज़ था.

जेमिमा रोड्रिग्स (Jemimah Rodrigues): तीसरे नंबर पर शामिल है जेमिमा रोड्रिग्स की 127 रनों की नाबाद पारी, जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला विश्व कप सेमीफाइनल में खेली. 339 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अधिकांश टीमें सम्मानजनक हार मान लेती हैं, लेकिन जेमिमा ने कहानी बदल दी. उनकी पारी निरंतर नियंत्रण, साझेदारियों और सही समय पर आक्रामकता का शानदार उदाहरण रही, जिसने रन रेट को कभी हाथ से निकलने नहीं दिया.

तिलक वर्मा (Tilak Varma): दूसरे स्थान पर रही तिलक वर्मा की 69 रन की पारी, जो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप फाइनल में खेली. भारत-पाकिस्तान फाइनल मुकाबले में सिर्फ अच्छी शुरुआत नहीं, बल्कि मजबूत फिनिश की जरूरत होती है. तिलक ने दबाव को झेला, स्कोरबोर्ड को चलायमान रखा और सही समय पर बड़े शॉट लगाए. फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच बनना इस बात का सबूत था कि उस रात मैच पर उन्हीं का नियंत्रण था.

शैफाली वर्मा (Shafali Verma): पहले नंबर पर रही शैफाली वर्मा (Shafali Verma) की 87 रन की शानदार पारी, जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महिला विश्व कप फाइनल में खेली. फाइनल मुकाबलों में आधे मन से खेल की कोई जगह नहीं होती और शैफाली ने पूरी तैयारी के साथ मैदान में कदम रखा. उनकी पारी में आक्रामक इरादे और संतुलन का बेहतरीन मेल दिखा. उन्होंने शुरुआत में बढ़त दिलाई और बिना घबराए खेल को अंत तक नियंत्रित रखा, जिससे भारत का खिताब जीतने का रास्ता आसान हुआ.