Rajkot To Somnath Special Train: राजकोट से सोमनाथ के लिए चार दिन की स्पेशल ट्रेन शुरू, हर हर महादेव से गूंजा स्टेशन परिसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को सोमनाथ पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होंगे. उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा कि सोमनाथ की गाथा विध्वंस की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और पुनरुत्थान की है. यह पर्व भारत की अडिग सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनेगा.
राजकोट, 8 जनवरी: सौराष्ट्र में आस्था का आध्यात्मिक केंद्र सोमनाथ महादेव मंदिर, मंदिर के नवीनीकरण के 75 साल और ऐतिहासिक हमलों के 1,000 साल पूरे होने पर एक भव्य स्वाभिमान पर्व का आयोजन किया जा रहा है. भक्तों की सुविधा के लिए राजकोट से चार दिन की स्पेशल ट्रेन सेवा गुरुवार से शुरू की गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने जाएंगे. Pongal Special Trains 2026: पोंगल पर घर जाने वालों के लिए खुशखबरी; दक्षिण रेलवे ने चलाईं स्पेशल ट्रेनें, यहां देखें रूट और टाइमिंग
ट्रेन रवाना होते ही स्टेशन पर लोग झूमने लगे और हर-हर महादेव के नारे से पूरा स्टेशन परिसर गूंज उठा. भाजपा नेता माधव दवे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सोमनाथ में एक भव्य और शानदार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन किया जा रहा है. बारह ज्योतिर्लिंगों में पहले सोमनाथ महादेव को सभी पूजते हैं. सोमनाथ मंदिर के नवीनीकरण और पुनर्निर्माण को 75 साल हो गए हैं और मंदिर पर हुए ऐतिहासिक हमले को 1,000 साल बीत गए हैं, जो हिंदू आस्था पर हमला था."
एक यात्री ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हम महादेव का आशीर्वाद लेने के लिए राजकोट से सोमनाथ जा रहे हैं. यह मेरे लिए बहुत ही निजी अनुभव है और मैं बहुत उत्साहित हूं कि मुझे मंदिर में महादेव के सीधे दर्शन करने का मौका मिलेगा. हम बहुत पहले से प्लान बना रहे थे, लेकिन जा नहीं पा रहे थे. अब जा रहे हैं."
सौराष्ट्र के तट पर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम सोमनाथ महादेव मंदिर भारतीय सभ्यता और आस्था का शाश्वत प्रतीक है. वर्ष 2026 में मंदिर पर हुए पहले बड़े आक्रमण (महमूद गजनवी द्वारा जनवरी 1026 में) के ठीक 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं. साथ ही स्वतंत्र भारत में मंदिर के पुनर्निर्माण (11 मई 1951) के 75 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं.
इन दो ऐतिहासिक पड़ावों के उपलक्ष्य में प्रभास पाटन में भव्य 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया जा रहा है, जो पूरे वर्ष चलेगा. मुख्य कार्यक्रम 8 से 11 जनवरी तक आयोजित किए जा रहे हैं. इस पर्व का उद्देश्य हिंदू आस्था पर हुए हमलों की स्मृति और बार-बार पुनरुत्थान की गाथा को याद करना है.
वहीं, भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसमें चार दिनों की स्पेशल ट्रेन सेवाएं शामिल हैं. कार्यक्रमों में 72 घंटे निरंतर ओंकार नाद, शंखनाद, भक्ति संगीत, लोक नृत्य और 3000 ड्रोनों का भव्य शो शामिल होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को सोमनाथ पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होंगे. उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा कि सोमनाथ की गाथा विध्वंस की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और पुनरुत्थान की है. यह पर्व भारत की अडिग सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 08, 2026 09:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

