गंभीर आरोपों के बाद Wasim Jaffer ने उत्तराखंड क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद से दिया इस्तीफा, यहां पढ़ें क्या है पूरा मामला
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी वसीम जाफर ने उत्तराखंड क्रिकेट टीम के मुख्य कोच कोच पद से इस्तीफा दे दिया है. पूर्व दिग्गज खिलाड़ी के उपर आरोप लगाया गया है कि वह टीम में सांप्रदायिकता फैला रहे थे. टीम के मैनेजर नवनीत मिश्रा ने उनके उपर कई आरोप लगाए हैं, वहीं जाफर ने इन आरोपों के जवाब दिए हैं जो इस प्रकार हैं.
देहरादून, 12 फरवरी: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी वसीम जाफर (Wasim Jaffer) ने उत्तराखंड क्रिकेट टीम (Uttarakhand Cricket Team) के मुख्य कोच पद से इस्तीफा (Resignation) दे दिया है. पूर्व दिग्गज खिलाड़ी के उपर आरोप लगाया गया है कि वह टीम में सांप्रदायिकता फैला रहे थे. टीम के मैनेजर नवनीत मिश्रा ने उनके उपर कई आरोप लगाए हैं, वहीं जाफर ने इन आरोपों के जवाब दिए हैं जो इस प्रकार हैं.
नवनीत मिश्रा ने जाफर के उपर आरोप लगाया है कि वह टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों की ज्यादा तरफदारी कर रहे थे. इसके अलावा मिश्रा ने उनके उपर आरोप लगाया है कि उन्होंने ट्रेनिंग सेशन के दौरान मौलवियों को बुलाया और वह अपने हिसाब से टीम का चयन चाहते थे. मिश्रा का कहना है कि वह टीम के 31 वर्षीय खिलाड़ी इकबाल अब्दुल्ला (Iqbal Abdulla) को टीम का कप्तान बनाना चाहते थे.
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वहीं वसीम जाफर ने अपने उपर लगे इन सभी आरोपों को बेहद गंभीर बताया है. उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'मेरे ऊपर लगाया गया सांप्रदायिक मामला बहुत दुखदायी है, इसीलिए मैं बात करने आया हूं. आप लोग मुझे लंबे समय से जानते हैं और आपको पता होगा कि मैं कैसा हूं. यदि मैं सांप्रदायिक होता तो समाद फलाह और मोहम्मद नजीम ने हर मुकाबला खेला होता. यह सोचना या कहना काफी गलत बात है.'
इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए चयनित किए गए 22 खिलाड़ियों में से केवल तीन खिलाड़ी ही मुस्लिम थे. उनका कहना है कि यदि मैं सांप्रदायिक होता तो फिर जय बिष्ट को लेकर क्यों आता? उन्होंने आगे कहा कि मैं तो उन्हें टीम का कप्तान बनाना चाहता था. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने नहीं बल्कि चयनकर्ताओं ने इकबाल अब्दुल्ला को टीम की कमान सौपनें की सोची थी.
वहीं उन्होंने ट्रेनिंग सेशन के दौरान मौलवी को बुलाए जानें के सवाल पर जवाब देते हुए कहा है कि यह उनका फैसला नहीं था. मौलवियों को इकबाल अब्दुल्लाह ने बुलाया था. उनका कहना है कि मौलवियों को बुलाए जानें से पहले नवनीत मिश्रा से जरुर आदेश लिए गए होंगे.
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इस घटना के बाद टीम इंडिया के कई पूर्व खिलाड़ी जाफर के साथ नजर आ रहे हैं. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एवं कोच अनिल कुंबले ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा, 'तुम्हारे साथ हूं वसीम. तुमने सही काम किया. दुख है कि खिलाड़ियों को तुम्हारी मेंटरशिप से वंचित होना पड़ेगा.' अनिल कुंबले के अलावा पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनोज तिवारी और फैज फजल ने भी ट्वीट करते हुए दुःख व्यक्त किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2021 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

