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Virat Kohli Retirement: विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास पर उठा सवाल, आश्वासन मिलने के बावजूद अंदरूनी राजनीति के चलते कप्तानी में कमबैक की उम्मीदें टूटीं- रिपोर्ट

विराट कोहली ने दिसंबर 2014 से जनवरी 2022 के बीच भारत की कप्तानी करते हुए 68 टेस्ट खेले और 40 मैचों में जीत हासिल की. जो किसी भी भारतीय कप्तान के लिए अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है. ऐसे में उनके अचानक संन्यास लेने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

Virat Kohli Retirement: विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास पर उठा सवाल, आश्वासन मिलने के बावजूद अंदरूनी राजनीति के चलते कप्तानी में कमबैक की उम्मीदें टूटीं- रिपोर्ट
विराट कोहली (Photo Credit: X Formerly Twitter)

Virat Kohli Retirement: भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया है. 12 मई(सोमवार) को 36 वर्षीय कोहली ने इंस्टाग्राम के ज़रिए यह घोषणा की, जिससे फैंस और विशेषज्ञ हैरान रह गए. यह फैसला उस समय आया जब भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 20 जून से लीड्स में शुरू होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए तैयार होना था और उम्मीद की जा रही थी कि कोहली उस सीरीज़ का हिस्सा होंगे. विराट कोहली ने दिसंबर 2014 से जनवरी 2022 के बीच भारत की कप्तानी करते हुए 68 टेस्ट खेले और 40 मैचों में जीत हासिल की. जो किसी भी भारतीय कप्तान के लिए अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है. ऐसे में उनके अचानक संन्यास लेने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आईसीसी वर्ल्ड कप 2027 से पहले कितने मैचों में खेलते दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, यहां देखें फुल शेड्यूल

हाल के दिनों में कुछ ऐसी जानकारियाँ सामने आई हैं जो संकेत देती हैं कि कोहली एक बार फिर टेस्ट टीम की कप्तानी संभालने की उम्मीद में थे. Sports Today की एक वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, कोहली के करीबी सूत्रों ने दावा किया है कि उन्हें बीसीसीआई की ओर से अनौपचारिक रूप से यह संकेत मिला था कि उन्हें 2024-25 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में फिर से कप्तानी सौंपी जा सकती है.

बताया जा रहा है कि यह बातचीत उस समय हुई जब भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट में करारी हार झेली. तीन दिनों के भीतर मिली हार के बाद बीसीसीआई में कुछ हलचल हुई और यहीं पर कोहली को कप्तानी वापसी का संकेत मिला. कोहली के करीबी कहते हैं कि उन्हें "संकेत" दिया गया था कि उन्हें फिर से कप्तान बनाया जा सकता है, लेकिन इसके बाद हालात बदल गए. भारत ने उस सीरीज़ को 3-1 से गंवा दिया, जिसके बाद टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं का रुख युवा नेतृत्व की ओर हो गया.

हालाँकि, कोहली ने उम्मीद नहीं छोड़ी. उन्होंने दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी में रेलवे के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम में मैच खेला. बीसीसीआई के चयन मानदंडों के तहत खुद को उपलब्ध रखने के लिए. लेकिन अप्रैल में उन्हें यह स्पष्ट कर दिया गया कि आगे उन्हें केवल एक खिलाड़ी के तौर पर ही देखा जाएगा, न कि कप्तान के रूप में. इसी फैसले से आहत होकर कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से खुद को अलग करने का निर्णय लिया.

कोहली के इस फैसले से भारतीय टेस्ट क्रिकेट का एक सुनहरा अध्याय समाप्त हो गया है. लेकिन उनके संन्यास के पीछे जो कहानी सामने आ रही है, वह केवल मैदान पर प्रदर्शन की बात नहीं करती, बल्कि चयन नीति, संचार की कमी और भीतर चल रही राजनीति को भी उजागर करती है. इसी बीच क्रिकेट विश्लेषक जॉय भट्टाचार्य ने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के “खामोश विदाई” पर नाराज़गी जताई है. उन्होंने इसे भारतीय क्रिकेट के लिए “एक त्रासदी” बताया

(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2025 07:53 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).