'महिलाओं को यह समझने की जरूरत है कि लाभकारी कानून उनके पतियों को धमकाने, उन पर हावी होने या उनसे जबरन वसूली करने का साधन नहीं हैं' - सुप्रीम कोर्ट
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने असंतुष्ट पत्नियों द्वारा घरेलू हिंसा और दहेज कानूनों के दुरुपयोग के बारे में चिंता व्यक्त की. शीर्ष अदालत ने महिलाओं को उन कानूनों का दुरुपयोग न करने के लिए भी आगाह किया जो उनकी सुरक्षा के लिए हैं...
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने असंतुष्ट पत्नियों द्वारा घरेलू हिंसा और दहेज कानूनों के दुरुपयोग के बारे में चिंता व्यक्त की. शीर्ष अदालत ने महिलाओं को उन कानूनों का दुरुपयोग न करने के लिए भी आगाह किया जो उनकी सुरक्षा के लिए हैं. शीर्ष अदालत ने कहा कि अक्सर भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए (क्रूरता), 376 (बलात्कार), 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध) और 506 (आपराधिक धमकी) जैसे प्रावधानों को वैवाहिक मामलों में पत्नी की मांगों को मानने के लिए पति पर दबाव डालने के लिए "संयुक्त पैकेज" के रूप में लागू किया जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने अपरिवर्तनीय टूटने के आधार पर विवाह को भंग करते समय यह टिप्पणी की. न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति एनके सिंह की पीठ ने कहा, "आपराधिक कानून में प्रावधान महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ महिलाएं उनका इस्तेमाल ऐसे उद्देश्यों के लिए करती हैं, जिनके लिए वे कभी नहीं होते. हाल के दिनों में, वैवाहिक विवादों से संबंधित अधिकांश शिकायतों में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 498ए, 376, 377, 506 को एक साथ लागू करना एक ऐसी प्रथा है, जिसकी इस न्यायालय ने कई अवसरों पर निंदा की है." यह भी पढ़ें: SC on 498A: सिर्फ इसलिए कि पत्नी ने कई सालों तक IPC की धारा 498A के तहत शिकायत दर्ज नहीं की, इसका मतलब यह नहीं है कि पति ने कोई क्रूरता नहीं की- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने असंतुष्ट पत्नियों द्वारा घरेलू हिंसा और दहेज कानूनों के दुरुपयोग के बारे में चिंता व्यक्त की:
Women Need To Realise That Beneficial Laws Aren't Means To Threaten, Domineer Or Extort From Their Husbands : Supreme Court
"The provisions for the protection of women are used by certain women more for purposes that they are never meant for."https://t.co/vxgvx38dnY
— Live Law (@LiveLawIndia) December 19, 2024
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 20, 2024 10:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

