केरल, 23 अक्टूबर: केरल हाई कोर्ट ने एक स्कूल टीचर के खिलाफ छात्रों को छड़ी से पीटने के आरोप में दर्ज की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया. न्यायमूर्ति सी. प्रतीप कुमार की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि एक टीचर को अपनी विशेष स्थिति के कारण, अनुशासन लागू करने और छात्र को सुधारने का अधिकार प्राप्त है. अदालत ने अपने निर्णय में पूर्व मामलों का हवाला देते हुए कहा, “जब कोई अभिभावक अपने बच्चे को शिक्षक को सौंपता है, तो वह अपनी ओर से शिक्षक को छात्र पर आवश्यक अनुशासन लागू करने की अनुमति देता है.”मामले के अनुसार, शिक्षक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 324 (खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना) और किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 75 (बच्चे के साथ क्रूरता) के तहत मामला दर्ज किया गया था. हालांकि, अदालत ने पाया कि शिक्षक ने छात्रों के बीच आपसी झगड़ा रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था, जो एक-दूसरे को लाठियों से पीट रहे थे. यह भी पढ़ें: दोस्ती नहीं देती बलात्कार का लाइसेंस, दिल्ली हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुधार के लिए दी गई सज़ा अपराध नहीं’: केरल हाईकोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ केस खारिज किया
'School Teacher Can Enforce Discipline, Correct Pupil': Kerala High Court Quashes Case Against Teacher For Caning Studenthttps://t.co/JvlPnPo7mP
— Live Law (@LiveLawIndia) October 23, 2025
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