West Bengal Assembly Elections 2026: झाड़ग्राम के पोलिंग बूथ पर पहुंचा जंगली हाथी, मतदान केंद्र पर मची अफरा-तफरी, देखें वीडियो
जितुसोल प्राइमरी स्कूल में जंगली हाथी ने मतदान में बाधा डाली (Photo Credits: PTI)

झाड़ग्राम: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Elections) के पहले चरण के मतदान (First Phase of Voting) के दौरान गुरुवार को झाड़ग्राम जिले (Jhargram District) से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई. जीतूशोल प्राइमरी स्कूल (Jitushol Primary School) स्थित मतदान केंद्र (बूथ संख्या 165) के पास अचानक एक जंगली हाथी (Wild Elephant) पहुंच गया. हाथी को पोलिंग बूथ के इतने करीब देखकर कतार में खड़े मतदाताओं के बीच अफरा-तफरी मच गई. सुरक्षा के लिहाज से मतदान प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोक दिया गया और मतदाताओं को सुरक्षित स्कूल भवन के भीतर भेज दिया गया. यह भी पढ़ें: बेबस ममता: मृत बच्चे को होश में लाने की कोशिश करती रही हथिनी, दिल झकझोर देने वाला वीडियो वायरल (Watch Viral Video)

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई

झाड़ग्राम का यह इलाका 'हाथी गलियारे' (Elephant Corridor) के रूप में जाना जाता है, जिसे देखते हुए चुनाव आयोग और वन विभाग ने पहले ही रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) को तैनात किया था.  सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और विशेष टीम मौके पर पहुंच गई. टीम ने काफी मशक्कत के बाद हाथी को सफलतापूर्वक पास के जंगल की ओर खदेड़ दिया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर रखी थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके.

झारग्राम मतदान केंद्र के पास हाथी के घुसने से कुछ देर के लिए मची अफरा-तफरी

सुरक्षित रहा मतदान केंद्र: कोई हताहत नहीं

राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई और न ही संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचा. वन विभाग द्वारा क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई. रुकावट के बावजूद मतदाताओं में उत्साह कम नहीं हुआ और लोगों ने दोबारा कतार में लगकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया. यह भी पढ़ें: West Bengal Assembly Election 2026: अमित शाह का बड़ा वादा- 'सत्ता में आए तो वापस लाएंगे पलायन कर चुके उद्योग, महिलाओं को 33% आरक्षण'

पृष्ठभूमि: हाथियों का प्रभाव और सुरक्षा

झाड़ग्राम और जंगलमहल के इलाकों में जंगली हाथियों का रिहाइशी इलाकों और खेतों में घुसना एक पुरानी समस्या रही है. चुनाव आयोग ने मतदान के दिन हाथियों के संभावित खतरे को देखते हुए विशेष प्रबंध किए थे. वन विभाग के अनुसार, गर्मी के मौसम में हाथियों का झुंड अक्सर पानी और भोजन की तलाश में जंगलों से बाहर आ जाता है, जो कभी-कभी मतदान जैसे सार्वजनिक आयोजनों के लिए चुनौती बन जाता है.