नई दिल्ली: जंगल में कई प्रकार के खूंखार शिकारी जानवर रहते हैं, लेकिन इन तमाम जानवरों में हाथियों की बात ही कुछ निराली है. हाथी (Elephant) पृथ्वी पर सबसे सामाजिक, बुद्धिमान और भावुक जानवरों में से एक माने जाते हैं. उनके भीतर सहानुभूति और संवेदना की क्षमता बिल्कुल मनुष्यों जैसी होती है. हाल ही में भारतीय वन सेवा (Indian Forest Service) (IFS) के अधिकारी परवीन कासवान (Parveen Kaswan) द्वारा साझा किया गया एक 44 सेकंड का वीडियो इस बात का जीवंत प्रमाण है. इस हृदयविदारक क्लिप में एक हथिनी (Mother Elephant) अपने मृत बच्चे के शव को जंगल में घसीटती हुई दिखाई दे रही है, मानो वह उसकी मृत्यु को स्वीकार करने के लिए तैयार न हो. यह भी पढ़ें: Viral Video: हाथी के सामने रास्ते में लेटकर लड़कों ने किया ऐसा काम, वीडियो देखकर दंग रह जाएंगे आप
'वे बिल्कुल हमारी तरह हैं'
वीडियो साझा करते हुए परवीन कासवान ने लिखा कि दुख मनाना केवल इंसानों की विशेषता नहीं है. हाथियों में भी शोक की भावना बहुत गहरी होती है. वीडियो में देखा जा सकता है कि हथिनी बार-बार अपने निर्जीव बच्चे को उठाने और उसे होश में लाने की कोशिश कर रही है. वह काफी समय तक शव को अपने साथ घसीटती रही, जो उसकी ममता और गहरे दुख को दर्शाता है.
कासवान ने कैप्शन में लिखा, 'हाथी की माँ अपने बच्चे की मृत्यु को समझ नहीं पा रही है. वे कुछ समय के लिए, और कभी-कभी पूरे दिन शव को इसी तरह घसीटते रहते हैं. वे बिल्कुल हमारी तरह हैं—शोक मनाते हुए, याद करते हुए और हार मानने से इनकार करते हुए.'
हाथियों में सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव
हाथियों के बारे में यह सर्वविदित है कि वे आजीवन रिश्ते निभाते हैं, जन्म का उत्सव मनाते हैं और अपनों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं.
वैज्ञानिकों के अनुसार, हाथियों का मस्तिष्क काफी विकसित होता है, जिससे वे जटिल भावनाओं को महसूस कर सकते हैं. माँ और बच्चे का यह जुड़ाव विशेष रूप से गहरा होता है क्योंकि हाथी का गर्भकाल लगभग 22 महीने का होता है, जो किसी भी स्तनधारी जीव में सबसे लंबा है.
मृत बच्चे के शव को घसीटती दिखी हथिनी
Grief is not uniquely human.#Elephant Mother not able to comprehend death of her calf.
She keeps dragging body for some time, at times for days. They are so like us. Mourning, remembering, refusing to let go.
This we documented in nov 2024. pic.twitter.com/blqVDxZe2F
— Parveen Kaswan, IFS (@ParveenKaswan) April 14, 2026
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
वीडियो के वायरल होते ही हजारों लोग भावुक हो उठे. सोशल मीडिया यूजर्स ने माँ और बच्चे के इस अटूट बंधन को सलाम किया.
- एक यूजर ने लिखा, '22 महीने तक गर्भ में रखने के बाद यह बंधन जीवनभर के लिए बन जाता है.'
- एक अन्य व्यक्ति ने टिप्पणी की, 'भले ही मृत्यु अपरिहार्य है, लेकिन इसे देखना वास्तव में दिल तोड़ने वाला है.'
- कई लोगों ने इस घटना को 'ओम शांति' लिखकर श्रद्धांजलि दी और वन्यजीवों के प्रति सम्मान व्यक्त किया.
यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि इंसान अकेले ऐसे जीव नहीं हैं जो प्रेम और क्षति का अनुभव करते हैं. प्रकृति के इन विशालकाय जीवों की संवेदनशीलता हमें उनके संरक्षण और सम्मान के प्रति अधिक जागरूक बनाती है.













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