इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर की ये बेतुकी बातें, पाकिस्तानी मीडिया भी कर रही है ट्रोल
शुक्रवार शाम संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 74वें अधिवेशन में जहां एक ओर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति और तरक्की की बातें की, तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान केवल कश्मीर का राग अलापते रहे. इस दौरान इमरान ने विश्व मंच से कई बेतुकी बाते भी की.
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के मंच पर आज दुनियाभर की निगाहें टिकी रही. शुक्रवार शाम संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 74वें अधिवेशन में जहां एक ओर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति और तरक्की की बातें की, तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान केवल कश्मीर का राग अलापते रहे. इस दौरान इमरान ने विश्व मंच से कई बेतुकी बाते भी की. जो अब सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रही है. हालांकि इसकी फहरिस्त बेहद लंबी है, जिसमें पाकिस्तानी मीडिया भी शामिल है.
यूएनजीए में संबोधन के दौरान क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की एक बार जुबान फिसल गई और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "भारतीय राष्ट्रपति" बता डाला. अपने मैराथन भाषण के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने गूगल पर सर्च करने की भी बात कही. विभिन्न मुद्दों पर बोलते हुए इमरान ने यूएनजीए में मौजूद लोगों से गूगल पर देखने की अपील की, जिससे उनकी बात सच साबित हो सके. पाकिस्तानी मीडिया इमरान खान के इस तरह से दिए गए बिना तर्क वाले बयान की आलोचना कर रही है.
जिस देश के प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का फर्क़ नहीं पता उसका क्या होगा? घबराहट का आलम 😂
pic.twitter.com/kJ5vVQNSGq— DILIP SINGH KUMAR (@DILIPKUMAR9990) September 27, 2019
साथ ही अपने संबोधन के दौरान इमरान खान ने पाकिस्तान की आर्थिक दुर्दशा का जिक्र किया. महासभा के 74वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने अमीर राष्ट्रों से मदद करने की गुहार लगाई.
पाक मीडिया ने कहा अधूरी थी इमरान खान की तैयारी-
Google karke dekh lo, he he ..... Imran to UNGA .... pic.twitter.com/QqTByhN0Gn
— Japan K Pathak (@JapanPathak) September 27, 2019
संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में दिए भाषण में इमरान खान ने कहा कि हम अपने 200 मिलियन लोगों की मदद कैसे करेंगे जब हम अपने सभी पैसे का उपयोग कर्ज के लिए कर रहे हैं ?” मनी लॉन्ड्रिंग को गरीब देशों के लिए विनाशकारी बताते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पास वकीलों पर लाखों खर्च करने के लिए पैसा नहीं है. हमें अमीर देशों से मदद की ज़रूरत है. उन्हें (अमीर देशों को) राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 27, 2019 11:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

