5G मोबाइल टावर लगवाने के लिए TRAI दे रहा लोगों को ऑफर? जानें वायरल लेटर की असली सच्चाई
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Fact Check: अगर आपके पास हाल ही में कोई लेटर, ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज आया है, जिसमें 5G मोबाइल टावर लगाने की परमिशन देने पर मोटा किराया और एडवांस पेमेंट देने का दावा किया गया है. तो जरा रुकिए! ये कोई असली ऑफर नहीं है, बल्कि एक धोखाधड़ी (Scam) है. इस फर्जीवाड़े में लोगों को TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) या DoT (Department of Telecommunications) के नाम पर लेटर भेजा जा रहा है. इसमें बताया जाता है कि अगर आप अपनी जमीन पर 5G टावर लगाने की अनुमति देते हैं, तो आपको हर महीने मोटा किराया मिलेगा और साथ ही एडवांस में लाखों रुपये दिए जाएंगे. लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है.

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TRAI का फर्जी लेटर भेजकर लोगों से ऐंठे जा रहे पैसे

वायरल लेटर पूरी तरह फर्जी

PIB Fact Check की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा कोई भी लेटर TRAI या DoT की तरफ से जारी नहीं किया गया है. ये पूरी तरह से फर्जी और धोखाधड़ी है. स्कैमर्स ने नकली लोगो, सिग्नेचर और फॉर्मेट का इस्तेमाल करके इस लेटर को बिल्कुल असली जैसा बना दिया है, ताकि लोग आसानी से झांसे में आ जाएं.

प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर ऐंठे जा रहे पैसे

इस स्कैम का मकसद है लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर पैसे ऐंठना. जब लोग लालच में आकर पैसे भेज देते हैं, तो स्कैमर्स तुरंत संपर्क तोड़ देते हैं और फिर उनका नंबर भी ब्लॉक कर देते हैं.

इस तरह की घटनाएं पहले भी देश के कई हिस्सों में सामने आ चुकी हैं, जहां लोग टावर लगवाने के चक्कर में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक गंवा चुके हैं.

अब सवाल उठता है – बचाव कैसे करें?

1. किसी भी अनजान नंबर या व्यक्ति द्वारा भेजे गए 5G टावर से जुड़े ऑफर पर भरोसा न करें.

2. अगर कोई खुद को TRAI या DoT का अधिकारी बताकर आपसे पैसे मांगता है, तो सतर्क हो जाएं.

3. DoT की आधिकारिक वेबसाइट dot.gov.in से ही जानकारी लें.

4. ऐसे किसी फर्जी लेटर की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर सेल को दें.

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि आजकल ठग बड़ी सफाई से फर्जी वेबसाइट्स और दस्तावेज बना लेते हैं, जिससे लोगों को लगता है कि ऑफर असली है. इसलिए, जागरूक रहना ही सबसे बड़ा हथियार है.