Free Laptop Scheme 2025: अगर आपके पास भी व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया है, जिसमें दावा किया गया है कि सरकार स्टूडेंट्स को मुफ्त लैपटॉप दे रही है. तो ज़रा रुक जाइए. यह मैसेज पूरी तरह फर्जी है. PIB Fact Check ने इस वायरल दावे को गलत बताया है और लोगों को चेताया है कि इस तरह के किसी भी लिंक पर क्लिक न करें. वायरल मैसेज में कहा गया है कि केंद्र सरकार डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को फ्री लैपटॉप दे रही है. इसके साथ एक लिंक- https://education.laptop.in/@tinyurl.com भी शेयर किया जा रहा है. जो एलिजिबिलिटी चेक करने के नाम पर लोगों को क्लिक करने को कहता है.
लेकिन हकीकत यह है कि ये एक फ्रॉड लिंक है. इसके जरिए साइबर ठग आपका डेटा चुराने और आपको ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
ये भी पढें: Fact Check: महिला ने अपने मरे हुए पति के शव को पैरों से रौंदा? जानिए वायरल VIDEO के पीछे की असली सच्चाई
फ्री लैपटॉप स्कीम का झांसा!
Free Laptops Anyone⁉️
A message is being circulated on WhatsApp with a link claiming that the central government is providing free laptops to students. #PIBFactCheck
❌This message is #fake and the URL is fraudulent.
🚫 Do NOT click on suspicious links.
▶️Always VERIFY… pic.twitter.com/nfXNYSrFlV
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 29, 2025
ऐसी कोई सरकारी योजना नहीं चल रही
PIB Fact Check ने साफ-साफ कहा है कि सरकार की तरफ से ऐसी कोई योजना नहीं चल रही है. ऐसे मैसेज पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक हैं. इनका मकसद लोगों को बेवकूफ बनाकर उनकी निजी जानकारी जैसे बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या OTP हासिल करना होता है. यह कोई पहला मामला नहीं है. साइबर फ्रॉड के मामले हर दिन बढ़ रहे हैं.
अब सवाल उठता है कि आखिर ठग ऐसा क्यों करते हैं? असल में, सरकार ने साल 2020 में PMeVIDYA नाम से एक योजना शुरू की थी, जिसमें डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की बात थी. ठग इसी सरकारी नाम और उद्देश्य का इस्तेमाल करके लोगों को फंसाने का काम कर रहे हैं.
आपको क्या करना चाहिए?
सबसे पहले, अगर ऐसा कोई मैसेज आपको मिले तो उसे तुरंत डिलीट करें. किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें. अगर आपको लगता है कि आपने गलती से क्लिक कर लिया है या कोई जानकारी शेयर कर दी है, तो तुरंत www.cybercrime.gov.in पर जाकर शिकायत दर्ज करें. किसी भी सरकारी योजना की जानकारी के लिए केवल सरकारी वेबसाइट्स (जैसे: ncert.nic.in, india.gov.in) पर ही भरोसा करें.
याद रखें, सोशल मीडिया पर हर वायरल मैसेज सच नहीं होता. थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी आपको एक बड़ी मुसीबत से बचा सकती है.













QuickLY