Fact Check: 'ब्राह्मणों ने इटावा के बाद अब झारखंड में 'यादव' को पीटा'? जानिए वायरल VIDEO का असली सच
सोशल मीडिया पर एक महीने पुरानी घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है. इसके जरिए यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि झारखंड के देवघर में महंगू यादव नामक युवक की जातिगत कारणों से पिटाई की गई.
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक महीने पुरानी घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है. इसके जरिए यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि झारखंड के देवघर में महंगू यादव नामक युवक की जातिगत कारणों से पिटाई की गई. कुछ पोस्ट इसे दलित विरोधी हिंसा या "जातिगत अत्याचार" के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन फैक्ट चेक से जो सच्चाई सामने आई है, वह इससे अलग है. दरअसल, घटना मवेशी चोरी से जुड़ी है, न कि किसी जातिगत विवाद से. पुलिस के मुताबिक, महंगू यादव को स्थानीय लोगों ने रंगे हाथों एक पिकअप वैन में गाय चुराकर ले जाते हुए पकड़ा था.
घटनास्थल से एक गाय, एक पिकअप वैन और एक डिज़ायर कार बरामद की गई थी, जबकि उसके साथी मौके से फरार हो गए. इसके बाद लोगों ने उसे पकड़कर पीटा और पुलिस को सौंप दिया.
गलत एंगल से वायरल हो रहा वीडियो
झारखण्ड के देवघर मे एक यादव बुजुर्ग को इस लिए जानवरों की तरह पीटा जा रहा क्योंकि इन्होने गाय बेच दी थी!
नामर्द लोग वीडियो बना रहे
और लोग तमाशबीन बने देख रहे!
इसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करना चाहिए हरामी के लिए कोई संवेदना नहीं होनी चाहिए!!#झारखण्ड pic.twitter.com/RjoYAd6U1Z
— Preeti Chobey (@preeti_chobey) July 4, 2025
वीडियो में जातिगत एंगल नहीं है
जिसको इतनी बेरहमी से पीटा जा रहा है वह व्यक्ति यादव है,
ब्रह्मण व्यक्ति द्वारा इसलिए पीटा जा रहा है क्योंकि उस व्यक्ति ने अपनी गाय बेच दी,
और इंसान की भेष में खड़े मुर्दे विडियो बना रहे है,
मामला झारखंड के देवघर का है, pic.twitter.com/w5ZsCPsN5l
— Saba Khan (@sabakhan21051) July 3, 2025
'अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला'
इंस्पेक्टर संतोष मंडल ने स्पष्ट किया है कि महंगू यादव के खिलाफ पहले भी मवेशी चोरी के कई मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है. इस घटना को जातिगत एंगल देना पूरी तरह से गलत है. उन्होंने कहा, "यह एक अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला है, जाति से इसका कोई लेना-देना नहीं है."
पुलिस ने घटना में शामिल भीड़ के एक सदस्य के खिलाफ मारपीट और कानून हाथ में लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है. यानी, पिटाई करने वाले के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो रही है.
निष्कर्ष
यह दावा कि महंगू यादव को उसकी जाति की वजह से पीटा गया, भ्रामक और गलत है. यह पूरी घटना गौ-चोरी से संबंधित है, न कि जातीय हिंसा से. सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाहों से बचें और हमेशा प्रामाणिक जानकारी पर भरोसा करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 05, 2025 05:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

