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भारत की वो 5 जादुई झीलें, जहां डुबकी लगाने से दूर हो जाती हैं गंभीर बीमारियां

विविधताओं के देश भारत में आज भी चमत्कार को नमस्कार किया जाता है. यहां कई ऐसी जादुई झीलें मौजूद हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि उनमें एक डुबकी लगाने भर से गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है. इन मान्यताओं के चलते इन झीलों में डुबकी लगाकर रोगों से मुक्ति पाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है.

भारत की वो 5 जादुई झीलें, जहां डुबकी लगाने से दूर हो जाती हैं गंभीर बीमारियां
भारत की जादुई झीलें (Photo Credits: Instagram)

विविधताओं वाले देश भारत (Incredible India) में विविध धर्मों, संस्कृतियों, परंपराओं और भाषाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. इस देश की यही खासियत इसे दुनिया के तमाम देशों से अलग और खास बनाती है. यहां आज भी चमत्कार को नमस्कार किया जाता है और कई ऐसी जगहें भी हैं जो विज्ञान की समझ से परे हैं. एक ओर जहां कई तरह ही बीमारियों (Diseases) के लिए डॉक्टर से इलाज कराने की सलाह दी जाती है, तो वहीं दूसरी तरफ भारत में कई ऐसी जादुई (Magical Lakes) और रहस्यमयी झीलें (Mysterious Lakes) भी मौजूद हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि उनमें डुबकी लगाने भर से गंभीर बीमारियों (Serious Diseases) से छुटकारा पाया जा सकता है.

इन रहस्यमयी झीलों के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का मानना है कि इन झीलों में स्नान करने से असाध्य रोग भी ठीक हो सकते हैं. चलिए जानते हैं भारत की ऐसी ही 5 जादुई झीलों (5 Magical Lakes of India) के बारे में, जहां बीमारियों के ठीक होने की मान्यता है.

1- मणिमहेश, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में कैलाश चोटी की तलहटी पर स्थित मणिमहेश झील अपनी जादुई शक्तियों के लिए जानी जाती है. यहां के लोगों का मानना है कि इस झील में डुबकी लगाने से शारीरिक घाव जल्दी भर जाते हैं और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है. इसकी जादुई शक्तियों का अनुभव करने के लिए हर साल हजारों की तादात में श्रद्धालु इस झील में डुबकी लगाने आते हैं. यह भी पढ़ें: इन खासियतों की वजह से दुनिया भर में मशहूर है कश्मीर, जीवन में एक बार जरूर करें भारत के इस जन्नत की सैर

मणिमहेश, हिमाचल प्रदेश (Photo Credits: Instagram)

2- गंगनानी, उत्तराखंड

देवभूमि उत्तराखंड स्थित गंगनानी एक छोटा सा गांव है, जो गंगोत्री रूट पर पड़ता है. कहा जाता है कि जो भी गंगनानी के गरम पानी में डुबकी लगाता है उसकी शारीरिक पीड़ा दूर होती है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस स्रोत में डुबकी लगाने से शारीरिक विकार दूर होते हैं और गंगोत्री के चढ़ाई के लिए लोग तरोताजा महसूस करते हैं.

गंगनानी, उत्तराखंड (Photo Credits: Instagram)

3- पुष्कर सरोवर, राजस्थान

राजस्थान के पुष्कर का जिक्र महाभारत और रामायण जैसे ग्रंथों में भी मिलता है. सदियों से यह मान्यता चली आ रही है कि पुष्कर सरोवर में स्नान करने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं और उन्हें शारीरिक बीमारियों से निजात मिलती है. यहां के स्थानीय लोगों का तो यहां तक कहना है कि इसमें लगाई गई एक डुबकी कैंसर के मरीजों को भी ठीक कर सकती है.

पुष्कर सरोवर, राजस्थान (Photo Credits: Instagram)

4- सहस्त्रधारा, उत्तराखंड

उत्तराखंड के देहरादून से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित सहस्त्रधारा झील किसी अजूबे से कम नहीं है. कहा जाता है कि इस झील में डुबकी लगाने भर से मानसिक और शारीरिक विकार दूर होते हैं. यहां आनेवाले बीमार शख्स इस झील में डुबकी लगाने के बाद स्वस्थ हो जाते हैं.

सहस्त्रधारा, उत्तराखंड (Photo Credits: Instagram)

5- भीमकुंड, मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित भीमकुंड भारत के रहस्यमयी जल स्रोतों में से एक है. साधारण सी दिखने वाली एक गुफा में बने इस कुंड को लेकर कहा जाता है कि यह महाभारत काल से यहां स्थित है और इसकी गहराई आज तक कोई नहीं माप पाया है. स्थानीय लोगों का मानना है कि मकर संक्राति के दिन भीमकुंड में डुबकी लगाने से व्यक्ति के पाप धुलते हैं और उनके स्वास्थ्य में भी सुधार आता है. यह भी पढ़ें: हिमालय की गोद में बसा है भारत का स्विट्जरलैंड, एक बार करेंगे दीदार तो भूल जाएंगे यूरोप की सैर

भीमकुंड, मध्य प्रदेश (Photo Credits: Instagram)

गौरतलब है कि इन पांच रहस्यमीय झीलों के अलावा पश्चिम बंगाल के बकरेश्वर और उत्तरी सिक्कम के गुरुडोंग्मार लेक को लेकर लोगों की मान्यता है कि यहां के पवित्र जल में ऐसी रहस्यमयी शक्ति है जिससे कई प्रकार के रोग दूर होते हैं. हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है इसके बारे में कह पाना मुश्किल है, लेकिन स्थानीय लोगों के दावों के अनुसार बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए इन झीलों में एक डुबकी लगाना ही काफी है.

नोट- इस लेख में दी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है. इसकी वास्तविकता, सटीकता और विशिष्ट परिणाम की हम कोई गारंटी नहीं देते हैं. इसके बारे में हर व्यक्ति की सोच और राय  अलग-अलग हो सकती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2019 02:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).