भारत में ईद का पर्व 5 या 6 जून को मनाया जा सकता है। हालांकि यह तब मान्य होगा, जब ईद का चांद दिखेगा। क्योंकि रमजान और ईद की सही तारीख इस्लामिक कैलेंडर के 9वें महीने (हिजरी 1440) के अनुसार तय होती है. यह महीना 29 या 30 दिन का होता है और इस महीने की लंबाई शव्वाल चंद्रमा के देखे जाने के आधार बदल सकती है.

मुस्लिमो का सबसे बड़ा त्योहार ईद (Eid al-Fitr) इस बार 5 या 6 जून को मनाया जाएगा. इस दिन मस्ज़िद में जाकर नमाज़ अदा की जाएगी. एक-दूसरे को गले मिल ईद की मुबारकबाद (Eid Mubarak) दी जाएगी.

1-ईद वाले दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए और फजिर की नमाज अदा करनी चाहिए.2-इसके बाद दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर रिवाज के हिसाब से नए कपड़े पहनना चाहिए और इत्र लगाना चाहिए.3-ईद की नमाज अदा करने से पहले फितरा अदा करना जरूरी होता है। बिना फितरा अदा किए नमाज मुकम्मल नहीं मानी जाती है.4-ईद की नमाज ईदगाह में अदा करनी चाहिए। ईदगाह न होने पर मस्जिद में या फिर खुले आसमान तले ही नमाज अदा करनी चाहिए.

न्यूजीलैंड में लोगों ने ईद का चांद देखने की कोशिश की मगर वहां अभी तक चांद नजर नहीं आया है. 

ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष इमामों ने ऐलान कर दिया है कि वहां ईद-उल फितर का त्योहार 5 जून को मनाया जायेगा. 

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के के साथ मलेशिया, सिंगापुर और इंडोनेशिया जैसे देशों के लोग आज ईद उल फितर के चांद को देखने की कोशिश करेंगे. बता दें कि इस्लाम लूनर (चंद्र) कैलेंडर पर चलता है और चांद के दीदार के साथ ही नया महिना शुरू होता है. यदि आज चांद नजर आता है तो कल यानी मंगलवार को इन देशों में ईद होगी. ईद के चांद पर 2019 की लाइव खबरें और अपडेट के लिए यहां बने रहें.

पूरे दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र और ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप ने 6 मई को रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत हुई थी. आज 29 वां रोजा है. अगर आज चांद को नहीं देखा जाता है, तो अंतिम उपवास कल रखा जाएगा.

रमजान ईद या ईद-उल-फितर मुसलमानों का सबसे बड़ा त्यौहार है. इस दिन सुबह ईद की नमाज अदा की जाती है. ज्यादातर लोग ईदगाह में जाकर नमाज को अदा करते हैं और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं. घर में शीर कोरमा और सेवैयां बनाई जाती है. इस दिन बच्चों को ईदी यानि कुछ पैसे भी दिए जाते हैं.