National Computer Security Day 2024: क्यों महत्वपूर्ण है राष्ट्रीय कम्प्यूटर सुरक्षा दिवस? जानें इसका इतिहास एवं साइबर से जुड़े जरूरी फैक्ट!
प्रत्येक वर्ष 30 नवंबर को राष्ट्रीय कंप्यूटर सुरक्षा दिवस मनाया जाता है. इसे ‘अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा दिवस’ भी कहते हैं. इस दिवस का मुख्य उद्देश्य व्यक्तियों, व्यवसायों और संगठनों को अपने कंप्यूटर और निजी डेटा को साइबर खतरों से बचाने और सक्रिय कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
प्रत्येक वर्ष 30 नवंबर को राष्ट्रीय कंप्यूटर सुरक्षा दिवस मनाया जाता है. इसे ‘अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा दिवस’ भी कहते हैं. इस दिवस का मुख्य उद्देश्य व्यक्तियों, व्यवसायों और संगठनों को अपने कंप्यूटर और निजी डेटा को साइबर खतरों से बचाने और सक्रिय कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है. राष्ट्रीय कंप्यूटर सुरक्षा दिवस इस विचार को भी बढ़ावा देता है कि आज के डिजिटल युग में हर किसी को अपने उपकरणों और व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. वस्तुतः कम्प्यूटर और इंटरनेट के नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभावों से बच्चों को भी बचाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है. आखिर कम्प्यूटर दिवस क्यों मनाया जाता है, क्या है इसका महत्व एवं इतिहास साथ ही कुछ आवश्यक तथ्य..
कम्प्यूटर सुरक्षा दिवस का इतिहास
कम्प्यूटर सुरक्षा दिवस की शुरुआत साल 1988 में हुई थी, जब इंटरनेट और कम्प्यूटर नेटवर्क का तेजी से विकास हो रहा था, साथ ही साइबर हमले व डेटा चोरी के मामले भी बढ़ रहे थे. 2 नवंबर 1988 को कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक अज्ञात वायरस देखा, जो कम्प्यूटर सिस्टम को प्रभावित कर रहा था. शोधकर्ताओं द्वारा शोध के चार घंटे के भीतर वायरस ने कई यूनिवर्सिटी सिस्टम को प्रभावित किया, इसे ‘मॉरिस वर्म’ नाम दिया गया. 14 नवंबर को कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के सॉफ्टवेयर इंजीनियर संस्थान (SEI) ने कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT) गठित किया, और निर्णय लिया गया कि 30 नवंबर को राष्ट्रीय कंप्यूटर सुरक्षा दिवस मनाया जाएगा, ताकि कंप्यूटर सुरक्षा पर लोगों को जागरूक किया जा सके. यह भी पढ़ें : 29 November 2024 Ka Panchang: आज मार्गशीर्ष शिवरात्रि व्रत! जानें आज के पंचांग में प्रदोष काल-राहुकाल तथा शुभ-अशुभ योग आदि के बारे में!
कम्प्यूटर सुरक्षा के मुख्य उपाय:
कम्प्यूटर सुरक्षा दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो याद दिलाता है कि साइबर सुरक्षा को गंभीरता से लेना चाहिए. इसे हर व्यक्ति और संगठन के लिए एक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाता है, ताकि ऑनलाइन डेटा और जानकारी को सुरक्षित रखा जा सके. उदाहरण के लिए कुछ बिंदु...
सुरक्षित पासवर्ड: मजबूत और असामान्य पासवर्ड का उपयोग करना.
वायरस और मैलवेयर सुरक्षा: अच्छे एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना और नियमित रूप से उसे अपडेट करते रहना.
डेटा बैकअप: महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप लेना.
नेटवर्क सुरक्षा: सुरक्षित नेटवर्क कनेक्शन और फ़ायरवॉल का इस्तेमाल करना.
सॉफ़्टवेयर अपडेट्स: अपने सभी सॉफ़्टवेयर को नवीनतम सुरक्षा पैच के साथ अपडेट रखना.
साइबर सुरक्षा से जुड़े कुछ रोचक तथ्य ये रहे:
* साल 2021 में, दुनिया भर में लोगों और मशीनों ने 300 मिलियन से ज्यादा पासवर्ड का इस्तेमाल किया था.
* साल 2022 में, फॉर्च्यून 500 कंपनियों में से 85 कंपनियों के CISO पद पर महिलाएं नियुक्त थीं.
* साल 2020-2021 के बीच दुनिया भर में साइबर सुरक्षा से जुड़ी बड़ी घटनाओं की संख्या 24 हजार से ज़्यादा थी.
* एवी-टेस्ट संस्थान के मुताबिक, हर दिन 4 लाख 50, हजार से ज़्यादा नए मैलवेयर और संभावित अवांछित एप्लिकेशन (PUA) पंजीकृत होते हैं.
* एवी-टेस्ट संस्थान के मुताबिक, ज्यादातर मैलवेयर विंडोज और एंड्रॉइड के लिए बनाए जाते हैं.
* साल 1994 में, रूसी हैकरों के हमलों के बाद, सिटीग्रुप ने एक खास साइबर सुरक्षा प्रभाग बनाया था.
* यूरोपीय संघ ने 5G नेटवर्क की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक टूलबॉक्स बनाया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 29, 2024 09:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

