Health Benefits Of Giloy: मधुमेह के इलाज से लेकर, इम्युनिटी बूस्टर तक, जानें इस आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के फायदे
आयुर्वेद में विभिन्न बीमारियों के लिए उपचार का उल्लेख किया है और इसमें विभिन्न जड़ी-बूटियों और मसालों के बारे में जानकारी दी गई है, जो हमारे स्वास्थ्य पर चमत्कार कर सकते हैं. ऐसी ही एक जड़ी-बूटी है गिलोय.
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आयुर्वेद में विभिन्न बीमारियों के लिए उपचार का उल्लेख किया है और इसमें विभिन्न जड़ी-बूटियों और मसालों के बारे में जानकारी दी गई है, जो हमारे स्वास्थ्य पर चमत्कार कर सकते हैं. ऐसी ही एक जड़ी-बूटी है गिलोय. ये एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल भारतीय चिकित्सा पद्धति में सदियों से किया जा रहा है. संस्कृत में गिलोय को 'अमृता’के रूप में जाना जाता है. इसमें प्रचुर औषधीय संपत्ति होने के कारण इसे अमृत वाली जड़ी बूटी का नाम दिया गया है. गिलोय के पौधे के तने का उपयोग पुरानी और रुक-रुक कर आने वाले बुखार के इलाज के लिए किया जाता है. गिलोय इम्यूनसिस्टम बूस्ट करते हैं और मधुमेह के इलाज में भी मदद करते हैं. आज हम आपको गिलोय के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएंगे. यह भी पढ़ें: सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है तुलसी, जानिए इससे होनेवाले लाजवाब फायदे
1. मजबूत प्रतिरक्षा: आयुर्वेदिक जड़ी बूटी गिलोय प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करती है, क्योंकि इसमें बहुत सारे एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं. जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और आपकी कोशिकाओं को स्वस्थ रखते हैं. गिलोय बीमारियों से छुटकारा पाने में मदद करता है. इसमें जैविक रूप से सक्रिय यौगिक जैसे अल्कलॉइड और लैक्टोन भी शामिल हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करते हैं.
2. तनाव कम करता है: गिलोय एक एडाप्टोजेनिक जड़ी बूटी है जो मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है. यह शरीर में मौजूद टोक्सिन से छुटकारा पाने में मदद करता है और नसों को शांत करने में भी मदद करता है.
3. गठिया में लाभकारी: गिलोय सूजन-रोधी और गठिया विरोधी है क्योंकि यह गठिया और इसके कई लक्षणों का इलाज करने में मदद करता है.
4. मधुमेह में फायदेमंद: यह जड़ी बूटी आयुर्वेदिक उपचार के लिए उत्कृष्ट है क्योंकि यह इंसुलिन उत्पादन में सहायता करता है. गिलोय अतिरिक्त ग्लूकोज को जलाता है और रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है.
5. एंटी-एजिंग प्रभाव: गिलोय का पौधा एंटी-एजिंग गुणों से भरपूर होता है, जो डार्क स्पॉट्स, पिंपल्स, फाइन लाइन्स और झुर्रियों को कम करने में मदद करता है.
गिलोय में एंटीपीयरेटिक गतिविधि (antipyretic activity) के कारण, यह जड़ी बूटी पुरानी बुखार का इलाज भी करती है, अच्छे परिणाम के लिए आप सुबह खाली पेट गिलोय का जूस पी सकते हैं. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं गिलोय के सेवन से पहले डॉक्टरों से परामर्श करना चाहिए.
नोट: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य के लिए लिखा गया है और इसे चिकित्सा सलाह के लिए प्रतिस्थापित नहीं किया जाना चाहिए. किसी भी टिप्स को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 05, 2020 11:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

