COVID-19 Vaccine Sputnik V Update: रूस के वैक्सीन स्पुतनिक वी को लेकर अच्छी खबर, 85 फीसदी मरीजों में नहीं दिखा कोई साइड इफेक्ट
रूसी डेवलपर का कहना है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जिन रोगियों को स्पुतनिक वी वैक्सीन की पहली खुराक दी गई, उनमें से अधिकांश रोगियों में इसका कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला है. स्पुतनिक वी विकसित करने वाले गामाले रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एडिपेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के प्रमुख अलेक्जेंडर गेन्सबर्ग ने कहा कि उनके एंटी- कोरोना वायरस वैक्सीन के कारण 85 फीसदी टीकाकरण में कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ.
COVID-19 Vaccine Sputnik V Update: सबसे पहले कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनाने वाले रूस के स्पुतनिक वी वैक्सीन (Sputnik V Vaccine) को लेकर एक अच्छी खबर सामने आ रही है. रूसी डेवलपर का कहना है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जिन रोगियों को स्पुतनिक वी वैक्सीन की पहली खुराक दी गई, उनमें से अधिकांश रोगियों में इसका कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला है. स्पुतनिक वी विकसित करने वाले गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एडिपेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी (Gamaleya Research Institute of Epidemiology and Microbiology) के प्रमुख अलेक्जेंडर गेन्सबर्ग (Alexander Gintsburg) ने कहा कि उनके एंटी- कोरोना वायरस वैक्सीन के कारण 85 फीसदी टीकाकरण में कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ.
अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग (Alexander Gintsburg) ने स्पुतनिक न्यूज (Sputnik News) द्वारा सोमवार को कहा कि इस वैक्सीन से लगभग 15 फीसदी मरीजों में कुछ साइड इफेक्ट्स देखे जा सकते हैं, लेकिन 85 फीसदी मरीजों में इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है और इस वैक्सीन से उन्हें कोई असुविधा भी नहीं हुई है. ज्ञात हो कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने 11 अगस्त को घोषणा की थी कि देश ने दुनिया का पहला कोविड-19 वैक्सीन पंजीकृत किया है, जिसे स्पुतनिक वी कहा जाता है. वैक्सीन वर्तमान में तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल से गुजर रहा है. यह भी पढ़ें: COVID-19 Sputnik V vaccine's Clinical Trials In India: रूस की COVID-19 स्पुतनिक वी वैक्सीन का भारत में होगा ट्रायल, अप्रूवल के बाद 100 मिलियन डोसेज भारत में होंगे उपलब्ध
रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (Russian Direct Investment Fund) फंड यानी आरडीआईएफ एक सह-डेवलपर है. रूस ने दूसरा टीका पंजीकृत किया है और तीसरा विकसित करने के लिए काम कर रहा है. वेक्टर सेंटर द्वारा विकसित किए गए दूसरे टीके का नाम EpiVacCorona दिया गया है, जबकि रूस का तीसरा एंटी-कोरोना वायरस वैक्सीन चुमाकोव केंद्र (Chumakov Centre) द्वारा विकसित किया जा रहा है.
इस महीने की शुरुआत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि देशभर में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण को लागू करना आवश्यक है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि कोरोना वायरस के खिलाफ रूस का टीकाकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह टीकों के निर्यात से अधिक महत्वपूर्ण है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 27, 2020 10:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

