World Sanskrit Diwas 2025 Wishes: शुभ संस्कृत दिवस! इन Shlokas, Quotes, WhatsApp Messages, GIF Greetings के जरिए संस्कृत में दें बधाई
विश्व संस्कृत दिवस 2025 (Photo Credits: File Image)

World Sanskrit Diwas 2025 Sanskrit Wishes: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल श्रावण पूर्णिमा के दिन देशभर में रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) का त्योहार मनाया जाता है तो वहीं यह दिन संस्कृत भाषा (Sanskrit Language) को भी समर्पित है. जी हां, श्रावण पूर्णिमा (Shravan Purnima) के दिन विश्व संस्कृत दिवस मनाया जाता है और ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से आज यानी 9 अगस्त 2025 को यह दिवस मनाया जा रहा है. विश्व संस्कृत दिवस (World Sanskrit Diwas) को अंतरराष्ट्रीय संस्कृत दिवस (International Sanskrit Diwas), संस्कृत दिवस (Sanskrit Diwas) और विश्व संस्कृत दिनम के नाम से भी जाना जाता है. प्राचीन भाषा संस्कृत के गौरव का जश्न मनाने और इसके गौरव को बढ़ाने के उद्देश्य से ही इस दिवस को मनाया जाता है. बता दें कि संस्कृत एक प्राचीन इंडो-आर्यन भाषा है, जो कई शास्त्रीय ग्रंथों, धार्मिक ग्रंथों और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों की नींव रही है. इस भाषा का देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है, इसलिए इस दिन महान ज्ञान, साहित्य और विरासत की भाषा के रूप में संस्कृत के महत्व को उजागर किया जाता है.

विश्व संस्कृत दिवस के इतिहास की बात करें तो सन 1969 में भारत सरकार ने संस्कृत व्याकरणविद पाणिनि की 2500वीं जयंती पर श्रावण पूर्णिमा के दिन संस्कृत दिवस मनाने की घोषणा की थी और पहले संस्कृत दिवस का विषय ‘संस्कृत: ज्ञान की भाषा’ रखा गया था. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन विशेज, श्लोक, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए संस्कृत में विश्व संस्कृत दिवस की बधाई दे सकते हैं. यह भी पढ़ें: World Sanskrit Day 2025: पीएम मोदी ने दी विश्व संस्कृत दिवस की बधाई, बोले- संस्कृत ज्ञान और अभिव्यक्ति का एक शाश्वत स्रोत

1- गेहे गेहे संस्कृतभाषा भवतात् पुनरपि वाणी।

राष्ट्रकुलानां धर्मधराणां ज्ञानवतां कल्याणी॥

भावार्थ: घर-घर में संस्कृत भाषा बोली जाए, यह राष्ट्र, ज्ञानियों तथा धर्म के धारकों के लिए कल्याणकारी है.

विश्व संस्कृत दिवस 2025 (Photo Credits: File Image)

2- भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाणभारती।

तत्रापि काव्यं मधुरं तस्मादपि सुभाषितम्॥

भावार्थ: संसार की सभी भाषाओं में गीर्वाणवाणी संस्कृत भाषा सर्वश्रेष्ठ व मधुर है, संस्कृत भाषा का काव्य उससे भी अधिक मधुर है. उसमें भी सुभाषित अधिक मधुर है.

विश्व संस्कृत दिवस 2025 (Photo Credits: File Image)

3- संस्कृतं नाम दैवी वाग् अन्वाख्याता महर्षिभिः॥

भावार्थ: संस्कृत एक महान भाष्य​ है जो महान हस्तियों द्वारा प्रतिपादित किया गया है.

विश्व संस्कृत दिवस 2025 (Photo Credits: File Image)

4- सुरस सुबोधा विश्वमनोज्ञा ललिता हृद्या रमणीया ।

अमृतवाणी संस्कृत भाषा नैव क्लिष्टा न च कठिणा ॥

भावार्थ: संस्कृत अत्यंत सरस है. सुबोध है, ललित व हृदय को प्रिय लगने वाली रमणीय है, संस्कृत अमरवाणी है, न क्लिष्ट है और न ही कठिन है.

विश्व संस्कृत दिवस 2025 (Photo Credits: File Image)

5- नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम्, महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते।

भावार्थ: हे सर्वदा स्नेहमयी मातृभूमि तुझे प्रणाम, तूने हिंदुओं की भूमि में मेरा सुख बढ़ाया, हे परम मंगलमय पवित्र भूमि, तेरे लिए यह प्राण न्योछावर, तुझे प्रणाम, तुझे प्रणाम.

विश्व संस्कृत दिवस 2025 (Photo Credits: File Image)

इसमें कोई दो राय नहीं है कि संस्कृत दिवस, इस प्राचीन भाषा को पुनर्जीवित और संरक्षित करने के महत्व पर जोर देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर कार्य करता है. इसके अलावा यह दिवस स्कूलों और संस्थानों को संस्कृत भाषा पाठ्यक्रम पेश करने और इसे अपने पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करता है. इस दिन संस्कृत भाषा के महत्व से लोगों को रूबरू कराने और इस भाषा को बढ़ावा देने के मकसद से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम व सेमिनार आयोजित किए जाते हैं. साथ ही इस दिन संस्कृत साहित्य और इस प्राचीन भाषा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विद्वानों, लेखकों और दार्शनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है.