When is Ayudha Puja 2025: इस साल आयुध पूजा को बुधवार, 1 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी. यह त्यौहार नवरात्रि के दौरान आता है. दक्षिण भारत में इस त्यौहार का बहुत महत्व होता है. आयुध पूजा, जिसे शस्त्र पूजा या अस्त्र पूजा भी कहा जाता है. यह त्यौहार मुख्य रूप से कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में मनाया जाता है. प्राचीन काल में यह पर्व शस्त्रों की पूजा और युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए देवी को कृतज्ञता प्रकट करने का विशेष दिन माना जाता था. इस दिन का गहरा सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, इस दिन लोग उन औजारों की पूजा करते हैं, जिनसे उनकी आजीविका चलती है. किसान अपने हल, बैल और ट्रैक्टर की पूजा करते हैं. कारीगर अपने औजारों की पूजा करते हैं. छात्र अपनी पुस्तकों की पूजा करता है. आयुध पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 2:09 बजे से 2:57 बजे तक रहेगा, जिसकी कुल अवधि 48 मिनट की होगी. यह भी पढ़ें: Maha Ashtami 2025 Wishes: महा अष्टमी के इन मनमोहक WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers के जरिए दें शुभकामनाएं
आयुध पूजा तिथि: 1 अक्टूबर, 2025
आयुध पूजा विजय मुहूर्त: दोपहर 2:09 बजे - दोपहर 2:57 बजे तक
नवमी तिथि आरंभ: 30 सितंबर, शाम 6:06 बजे
नवमी तिथि समाप्त: 1 अक्टूबर, शाम 7:01 बजे
मैसूर दशहरा: 2 अक्टूबर, 2025
आयुध पूजा के साथ सरस्वती पूजा
कई परिवार आयुध पूजा के साथ सरस्वती पूजा भी करते हैं. इस दिन, बच्चे अपनी किताबें देवी के पास रखते हैं और कारीगर अपने औज़ारों की पूजा करते हैं, बुद्धि, ज्ञान और सफलता की प्रार्थना करते हैं.
आयुध पूजा का इतिहास और महत्व एक समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण को उजागर करता है. इस पर्व को मनाकर हम अपने जीवन में उपयोग होने वाले सभी उपकरणों चाहे वे भौतिक हों या बौद्धिक—की भूमिका को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हैं. यह त्योहार हमें उन संसाधनों और साधनों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने की प्रेरणा देता है, जो हमारे दैनिक जीवन और कार्यों में सहायक होते हैं, साथ ही हमें जीवन को विनम्रता, सम्मान और आभार की भावना के साथ जीने की सीख देता है.













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