Vishu 2026 Messages: केरल नववर्ष ‘विशु’ पर अपनों को इन खास हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, Facebook Greetings के जरिए दें पर्व की शुभकामनाएं
आज के डिजिटल युग में विशु की शुभकामनाएं देने के तरीके भी बदल गए हैं. आप इस पावन अवसर पर शानदार WhatsApp स्टिकर्स, GIF ग्रीटिंग्स, और वॉलपेपर्स के जरिए दूर बैठे दोस्तों और रिश्तेदारों को केरल नववर्ष की बधाई दे सकते हैं. सोशल मीडिया पर श्रीकृष्ण की इमेजेस और सुनहरे 'कनियाना' फूलों की तस्वीरें साझा करना इस दिन का विशेष आकर्षण होता है.
Vishu 2026 Wishes In Hindi: भारत के विभिन्न हिस्सों में अप्रैल का महीना नई शुरुआत और फसलों के उत्सव का प्रतीक होता है. जहां उत्तर भारत में बैसाखी और बंगाल में पोइला बैसाख की धूम रहती है, वहीं केरल में 14 अप्रैल 2026 को 'विशु' (Vishu) यानी केरल नववर्ष (Kerala New Year) का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. सौर नववर्ष की शुरुआत के रूप में मनाया जाने वाला यह त्योहार मेष संक्रांति (Mesha Sankranti) का प्रतीक है, जब सूर्यदेव मेष राशि में प्रवेश करते हैं.
विशु के उत्सव की सबसे महत्वपूर्ण रस्म 'विशुकानी' है. परंपरा के अनुसार, विशु से एक रात पहले ही लोग भगवान के सामने नए वस्त्र, आभूषण, फल, दर्पण, भगवत गीता और रामायण को खूबसूरती से सजाकर रख देते हैं. मान्यता है कि नए साल की सुबह जागने के बाद सबसे पहले इन शुभ वस्तुओं और भगवान के दर्शन करने से पूरे वर्ष सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है.
आज के डिजिटल युग में विशु की शुभकामनाएं देने के तरीके भी बदल गए हैं. आप इस पावन अवसर पर शानदार WhatsApp स्टिकर्स, GIF ग्रीटिंग्स, और वॉलपेपर्स के जरिए दूर बैठे दोस्तों और रिश्तेदारों को केरल नववर्ष की बधाई दे सकते हैं. सोशल मीडिया पर श्रीकृष्ण की इमेजेस और सुनहरे 'कनियाना' फूलों की तस्वीरें साझा करना इस दिन का विशेष आकर्षण होता है.





विशु के दिन केरलवासी भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की विशेष पूजा करते हैं. इस अवसर पर लोग पारंपरिक वेशभूषा में नजर आते हैं; पुरुष विशेष धोती (मुंडू) पहनते हैं और महिलाएं सुनहरे बॉर्डर वाली खूबसूरत 'कसुवु साड़ी' पहनती हैं. मंदिरों में दर्शन के बाद परिवार के साथ मिलकर पारंपरिक पकवानों का आनंद लिया जाता है.
विशु मलयालम कैलेंडर के पहले महीने 'मेडम' का पहला दिन होता है. दिलचस्प बात यह है कि इसी समय भारत के अन्य राज्यों में भी नववर्ष और फसलों के उत्सव मनाए जाते हैं. इस पर्व को असम में बोहाग बिहू, पंजाब में बैसाखी, पश्चिम बंगाल में पोइला बैसाख, तमिलनाडु में पुथांडु, ओडिशा में पना संक्रांति और बिहार में जुड़ शीतल के नाम से जाना जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2026 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

