Sharad Navratri 2025 Sanskrit Wishes: नवरात्रस्य शुभकामना! प्रियजनों संग शेयर करें शारदीय नवरात्रि के ये संस्कृत WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings
ऐसी मान्यता है कि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जानी चाहिए, क्योंकि नौ दिनों तक कलश देवी के स्वरूप में हमारे निवास स्थान में विराजमान रहता है. मातारानी के स्वागत के साथ-साथ भक्त एक-दूसरे को इस पर्व की बधाई भी देते हैं. ऐसे में आप भी संस्कृत के इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Sharad Navratri 2025 Sanskrit Wishes: मां दुर्गा की उपासना के पर्व नवरात्रि (Navratri) को साल में चार बार मनाया जाता है, जिनमें से चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिलता है. खासकर, शारदीय नवरात्रि के लिए कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरु हो जाती हैं. सर्वपितृ अमावस्या (Sarv Pitru Amavasya) यानी महालया (Mahalaya) के दिन लोग अपने पितरों को विदा करते हैं और इसी दिन मां दुर्गा (Maa Durga) का धरती पर आगमन भी होता है, फिर आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के दिन शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है. इस साल शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से हो रही है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरे के साथ होगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है और पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है, फिर दशमी तिथि को विजयादशमी का त्योहार मनाया जाता है.
ऐसी मान्यता है कि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जानी चाहिए, क्योंकि नौ दिनों तक कलश देवी के स्वरूप में हमारे निवास स्थान में विराजमान रहता है. मातारानी के स्वागत के साथ-साथ भक्त एक-दूसरे को इस पर्व की बधाई भी देते हैं. ऐसे में आप भी संस्कृत के इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि नवरात्रि के पहले दिन से भक्त 'दुर्गा सप्तशती' और 'दुर्गा चालीसा' का पाठ प्रारंभ करते हैं. इसके साथ कलश स्थापना करके पूरे नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलाई जाती है, फिर पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि नौ दिवसीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की भक्तिभाव से उपासना करने पर भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं और उनकी समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 19, 2025 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

