त्योहार

Shab-e-Miraj 2026: रजब की इस पाक रात का इतिहास, महत्व और अपनों को भेजें शब-ए-मेराज मुबारक हो के खास संदेश

शब-ए-मेराज इस्लाम धर्म की सबसे पवित्र रातों में से एक है. साल 2026 में यह 16 जनवरी की रात को मनाई जा रही है. इस लेख में हम इस रात के ऐतिहासिक महत्व और इसके आध्यात्मिक संदेशों के बारे में जानेंगे.

Shab-e-Miraj 2026: रजब की इस पाक रात का इतिहास, महत्व और अपनों को भेजें शब-ए-मेराज मुबारक हो के खास संदेश
सभी को शब-ए-मेराज मुबारक

Shab e Meraj Shayari in Hindi: इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रजब महीने की 27वीं रात को 'शब-ए-मेराज' के रूप में मनाया जाता है. साल 2026 में यह पवित्र रात आज यानी 16 जनवरी को पड़ रही है. मुस्लिम समुदाय के लिए यह रात अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखती है क्योंकि यह पैगंबर मोहम्मद (सल्ल.) की मक्का से यरूशलेम और फिर वहां से सात आसमानों की चमत्कारी यात्रा की याद दिलाती है. इस अवसर पर दुनिया भर की मस्जिदों को सजाया जाता है और लोग रात भर जागकर विशेष दुआएं और इबादत करते हैं.

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: इसरा और मेराज

शब-ए-मेराज की घटना दो भागों में विभाजित है: 'इसरा' और 'मेराज'. इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात अल्लाह के आदेश पर फरिश्ते जिब्रील पैगंबर मोहम्मद को मक्का की मस्जिद-अल-हराम से यरूशलेम की मस्जिद-अल-अक्सा तक ले गए थे, जिसे 'इसरा' कहा जाता है. इसके बाद, मस्जिद-अल-अक्सा से सात आसमानों की सैर और अल्लाह से मुलाकात के सफर को 'मेराज' कहा जाता है.

नमाज का तोहफा और आध्यात्मिक संदेश

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इसी रात अल्लाह की ओर से उम्मत (मुस्लिम समुदाय) के लिए पांच वक्त की नमाज का तोहफा दिया गया था. यह रात हमें सिखाती है कि अल्लाह की शक्ति असीमित है और कठिन समय के बाद राहत जरूर मिलती है. इस सफर के दौरान पैगंबर साहब ने विभिन्न पैगंबरों से मुलाकात की और जन्नत व जहन्नुम के दर्शन भी किए.

शब ए मेराज शायरी हिंदी में

1 वो कदम उठे हैं जिन को आसमाँ क़ालीन है

आज शब-ए-मेराज होगी इस लिए तज़ईन है

शब-ए-मेराज मुबारक

2 हसरत-ए-दीदार में, अर्श पर गए खुदा के महबूब

मिराज-ए-मुस्तफा की रात है आज, इबादत में गुजारें

शब-ए-मेराज मुबारक

3 इबादत से दिल को आबाद करना

और गुनाहों को दिल से आजाद करना

हमारी बस इतनी गुजारिश है

कि हमें भी दुआ में याद रखना

शब-ए-मेराज मुबारक

शब-ए-मेराज पर खास संदेश

शब ए मेराज की मुबारकबाद
शब ए मेराज मुबारक
शब ए मेराज की मुबारकबाद

इबादत का तरीका

शब-ए-मेराज को सार्वजनिक अवकाश नहीं बल्कि एक ऐच्छिक अवकाश माना जाता है. श्रद्धालु इस रात कुरान की तिलावत करते हैं, जिक्र-ओ-अजकार (अल्लाह की याद) में समय बिताते हैं.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 16, 2026 09:18 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).