Shab E Meraj Namaz and Roza: बेहद पाक है शब-ए-मेराज की रात, कौनसी पढ़े नमाज यहां जानें
शब-ए-मेराज इस्लाम धर्म की सबसे पवित्र रातों में से एक है. यह लेख 2026 में इसकी तारीख, ऐतिहासिक महत्व और नमाज़ के फ़र्ज़ होने के पीछे की कहानी पर विस्तार से प्रकाश डालता है.
Shab E Meraj Namaz and Roza: इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रजब महीने की 27वीं रात को 'शब-ए-मेराज' के रूप में मनाया जाता है. साल 2026 में यह पवित्र रात 16 जनवरी (शुक्रवार) की शाम से शुरू होकर 17 जनवरी की सुबह तक मनाई जा रही है. मुस्लिम समुदाय के लिए यह रात आध्यात्मिक चिंतन और विशेष इबादत का समय है, क्योंकि इसी रात पैगंबर मोहम्मद साहब ने मक्का से यरूशलेम और फिर सात आसमानों की अद्भुत यात्रा की थी.
शब-ए-मेराज का अर्थ और इतिहास
'शब' एक फारसी शब्द है जिसका अर्थ है 'रात' और 'मेराज' अरबी शब्द 'मिराज' से आया है, जिसका अर्थ है 'ऊंचाई' या 'चढ़ना'. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात को दो हिस्सों में बांटा गया है: 'इसरा' (मक्का से यरूशलेम तक की यात्रा) और 'मेराज' (आसमानों की सैर).
इतिहासकारों के अनुसार, यह घटना पैगंबर साहब के जीवन के सबसे कठिन समय 'आम-उल-हुज्न' (दुखों का साल) के बाद हुई थी. जब उनके चाहने वालों का इंतकाल हुआ और ताइफ में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा, तब अल्लाह ने उन्हें इस चमत्कारी यात्रा के जरिए सम्मान और सांत्वना दी.
पांच वक्त की नमाज़ का तोहफा
ऐसी मान्यता है कि शब-ए-मेराज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसी रात अल्लाह ने मुसलमानों के लिए पांच वक्त की नमाज़ को अनिवार्य (फ़र्ज़) किया था.
"इस्लामिक ग्रंथों के अनुसार, शुरुआत में 50 नमाज़ों का हुक्म दिया गया था, लेकिन पैगंबर साहब की विनती और हजरत मूसा की सलाह के बाद इसे कम करके 5 कर दिया गया. अल्लाह ने वादा किया कि जो भी 5 नमाज़ें पढ़ेगा, उसे 50 नमाज़ों के बराबर ही सवाब मिलेगा."
कैसे मनाई जाती है यह रात?
भारत, और दुनिया भर के मुस्लिम क्षेत्रों में इस रात को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है:
शब-ए-मेराज की नमाज़- इस रात मुसलमान समुदाय में ईबादत की बहुत अहमियत है. मेराज की रात मर्द और औरतें नफिल नमाज अदा करते हैं. यह नफिल नमाज 2 या 4 रकात में अदा की जा सकती हैं.
शब-ए-मेराज रोजा: शब-ए-मेराज में रोजा भी रखा जाता है. इस दिन और मेराज की रात के अगले दिन मुसलमान समुदाय के लोग रोजा रखते हैं. हालांकि यह अनिवार्य नहीं है लेकिन इसे बेहद नेक कार्य माना जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 16, 2026 11:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

