Shab-E-Barat 2026: भारत में कल, यानी 3 फरवरी 2026 (मंगलवार) को शब-ए-बरात का पर्व पूरी धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा. इस्लामी कैलेंडर के आठवें महीने 'शाबान' की 14वीं तारीख के सूर्यास्त के साथ ही इस मुकद्दस रात की शुरुआत होगी. मुस्लिम समुदाय के लिए यह रात 'मगफिरत' (क्षमा) और 'बरात' (आजादी) की रात मानी जाती है, जब लोग रात भर जागकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाकर दुआ मांगते हैं.
क्या है शब-ए-बरात की फ़ज़ीलत
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, शब-ए-बरात की रात को 'फैसले की रात' भी कहा जाता है. माना जाता है कि इसी रात अल्लाह आगामी वर्ष के लिए हर इंसान की तकदीर, जीविका (रिज्क) और आयु का फैसला करता है.
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इस रात सच्चे दिल से तौबा (माफी) मांगने वाले बंदों के गुनाह माफ कर दिए जाते हैं. यही कारण है कि लोग मस्जिदों और घरों में नवाफिल नमाज, कुरान की तिलावत और जिक्र-ओ-अजकार में पूरी रात बिताते हैं.
मुंबई में विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने 3 और 4 फरवरी की दरमियानी रात को दो विशेष धीमी लोकल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है.
-
चर्चगेट से विरार: यह स्पेशल लोकल 4 फरवरी को तड़के 2:35 बजे प्रस्थान करेगी.
-
विरार से चर्चगेट: वापसी में यह ट्रेन रात 1:42 बजे रवाना होगी. ये ट्रेनें सभी उपनगरीय स्टेशनों पर रुकेंगी ताकि कब्रिस्तान और मस्जिदों में जाने वाले जायरीनों को आने-जाने में सुविधा हो.
प्रशासन की अपील
मुंबई और दिल्ली पुलिस ने शब-ए-बरात के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मुख्य कब्रिस्तानों जैसे मरीन लाइंस (बड़ा कब्रिस्तान) और उपनगरीय क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. उलेमाओं और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे इस रात की गरिमा बनाए रखें. सड़कों पर हुड़दंग, बाइक रेसिंग और आतिशबाजी से बचने की सलाह दी गई है ताकि इबादत करने वालों को कोई परेशानी न हो.
रमजान की आहट
शब-ए-बरात के ठीक 15 दिन बाद रमजान का पवित्र महीना शुरू हो जाता है. 3 फरवरी की इस रात को रमजान की तैयारी का द्वार भी माना जाता है. कई मुसलमान 4 फरवरी को 15वीं शाबान का नफिल रोजा भी रखेंगे, जिसे सुन्नत माना जाता है.













QuickLY