Mahashivratri 2026: देशभर में आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. रविवार, 15 फरवरी 2026 को सुबह से ही देशभर के प्रमुख शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. इस विशेष अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई दिग्गजों ने जनता को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं.
दिग्गज नेताओं ने दी शुभकामनाएं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को बधाई देते हुए महादेव से देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि महाशिवरात्रि का यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा और शांति लेकर आए. अमित शाह ने कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आयोजित महाशिवरात्रि उत्सव में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने 'आदियोगी' की महिमा का गुणगान किया. यह भी पढ़े: Mahashivratri 2026 Sanskrit Wishes: संस्कृत में अपनों से कहें महाशिवरात्रे: शुभाशया:, शेयर करें ये WhatsApp Messages, Shlokas और Facebook Greetings
योगी ने शुभकामनाएं
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे 'लोक कल्याण और साधना' का पर्व बताया. उन्होंने भक्तों से अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन अनुशासन के साथ करने की अपील की. सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए.
शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं. मंदिर प्रशासन ने भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भी बाबा महाकाल का विशेष भस्म आरती के साथ श्रृंगार किया गया है, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं.
इसके अलावा, हरिद्वार, ऋषिकेश, देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम और दक्षिण भारत के रामेश्वरम में भी सुबह से ही जलाभिषेक और विशेष पूजा का सिलसिला जारी है. मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है.
300 साल बाद दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल की महाशिवरात्रि अत्यंत विशेष है क्योंकि लगभग 300 वर्षों के बाद ग्रहों का एक दुर्लभ संयोग बन रहा है. इस दिन कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की मौजूदगी से 'चतुर्ग्रही योग' का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना हुआ है, जिसे पूजा-पाठ और नई शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.
निशिता काल पूजा का समय
भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाने वाला 'निशिता काल' मुहूर्त आज रात (16 फरवरी की शुरुआत) 12:09 AM से 01:01 AM तक रहेगा. चार प्रहर की पूजा करने वाले श्रद्धालु शाम 6:11 बजे से ही विधि-विधान के साथ अभिषेक शुरू कर चुके हैं. व्रत का पारण कल, 16 फरवरी को सुबह 06:59 बजे के बाद किया जाएगा.
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Mahashivratri 2026 Celebration Highlights यह वीडियो महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व और प्रमुख समारोहों की झलक दिखाता है, जो लेख में वर्णित अमित शाह की उपस्थिति और उत्सव के माहौल से संबंधित है.












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