Hazrat Ali Quotes: गुस्से में कोई फैसला न लें, ना खुशी में कोई वादा करें! जानें हजरत अली के ऐसे ही कुछ प्रेरक कोट्स!
इस्लामिक संप्रदाय के चौथे खलीफा चुने जाने के बाद उन्होंने आम लोगों के कल्याण और समाज के उत्थान के लिए काफी कार्य किये. हजरत अली बहुत उदार और दयालु शासक थे, आइये जानते हैं, उनके कुछ ऐसे कोट्स जो मानव जगत को सज्जनता और शालीनता का पाठ पढ़ाते हैं.
हजरत अली दुनिया भर के मुसलमानों के लिए बहुत प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं. इन्हें इब्न अबू तालिब के नाम से भी जाना जाता है. इनका का जन्म इस्लामिक महीने रजब के 13वें दिन (काबा) मक्का में हुआ था. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष इनका जन्म 25 जनवरी 2024 को मनाया जायेगा. इस्लाम धर्म के अनुयायी उन्हें अपना पहला इमाम मानते हैं. लड़ाई में उनकी बहादुरी के लिए भी उन्हें याद किया जाता है, उन्होंने मुस्लिम संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई है. उनका जन्मदिन भारत और पाकिस्तान के ही नहीं बल्कि दुनिया भर के मुसलमान बड़ी धूमधाम से मनाते हैं. इस अवसर पर जगह-जगह जुलूस निकाला जाता है, सभाएं की जाती हैं, जहां प्रार्थनाओं का आयोजन किया जाता है.
इस्लामिक संप्रदाय के चौथे खलीफा चुने जाने के बाद उन्होंने आम लोगों के कल्याण और समाज के उत्थान के लिए काफी कार्य किये. हजरत अली बहुत उदार और दयालु शासक थे, आइये जानते हैं, उनके कुछ ऐसे कोट्स जो मानव जगत को सज्जनता और शालीनता का पाठ पढ़ाते हैं.
हजरत अली के प्रेरक और ज्ञानवर्धक कोट्स
* इंसान कितना अजीब और मूर्ख है, वह धन पाने में अपना स्वास्थ्य खो देता है. फिर स्वास्थ्य पाने के लिए धन बर्बाद करता है. भविष्य की चिंता में अपना वर्तमान बर्बाद करता है. और फिर भविष्य में अपने अतीत को याद करके रोता है. वह ऐसे जीता है जैसे मृत्यु उसके पास कभी नहीं आएगी, और इस तरह मरता है जैसे कभी पैदा ही नहीं हुआ हो.
* शिक्षा के समान कोई धन नहीं और अज्ञान के समान कोई गरीबी नहीं.
* जल से शरीर शुद्ध होता है। आंसुओं से अहंकार. ज्ञान से बुद्धि शुद्ध होती है, और प्रेम से आत्मा शुद्ध होती है.
* गुस्से में कोई फैसला मत लो, और खुशी में कभी वादा मत करो.
* हमारा सबसे बड़ा दोष दूसरों के दोषों में रुचि लेना है.
* जीवन के दिन बादलों की तरह बीत जाते हैं, इसलिए जब तक जीवित हो भलाई करो.
* सबसे अच्छा बदला अपने आप को सुधारना है.
* अधिकार, शक्ति और धन मनुष्य को नहीं बदलते; वे ही उसे प्रकट करते हैं.
* पछताने की अपेक्षा परहेज़ करना अधिक बुद्धिमानी है.
* ग़लत साबित होने पर, बुद्धिमान व्यक्ति स्वयं को सही कर लेगा और अज्ञानी बहस करता रहेगा.
* धर्म के मार्ग पर चलने वालों की कम संख्या के कारण उस पर अकेलापन महसूस न करें.
* आँख की दृष्टि सीमित है; हृदय की दृष्टि समय और स्थान की सभी बाधाओं को पार कर जाती है.
* मैं तब तक धैर्य रखूंगा जब तक धैर्य भी मेरा धैर्य नहीं तोड़ देता.
* जो आप नहीं जानते उससे नफरत न करें, क्योंकि ज्ञान का बड़ा हिस्सा वह है जो आप नहीं जानते हैं.
* शिक्षा के समान कोई धन नहीं और अज्ञान के समान कोई गरीबी नहीं.
* ऐसा जीवन जियो, कि जब तुम मरो, तो लोग तुम्हारे लिये शोक मनाएँ, और जब तक जीवित रहो, वे तुम्हारे साथ की लालसा रखें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 22, 2024 11:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

