Ganga Saptami 2022 Wishes: गंगा सप्तमी की इन भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
गंगा सप्तमी के दिन मां गंगा की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए कहा जाता है कि इस दिन गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से अतीत और वर्तमान के सभी पाप धुल जाते हैं. इस दिन किए गए दान का व्यक्ति को जन्मों तक पुण्य प्राप्त होता है. ऐसे में इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए गंगा सप्तमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Ganga Saptami 2022 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) मनाई जाती है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया जाता है. इस साल गंगा सप्तमी 8 मई 2022 को मनाई जा रही है. प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, गंगा सप्तमी पतित पावनी मां गंगा के पुनर्जन्म का दिन है, इसलिए इसे गंगा जयंती (Ganga Jayanti) भी कहा जाता है. इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है. यह भी कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान और गंगा पूजन करने से कुंडली के अशुभ ग्रहों के प्रभाव कम हो जाते हैं. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी पावन तिथि पर मां गंगा (Maa Ganga) स्वर्ग लोक से भगवान शिव की जटाओं में पहुंची थीं, इसलिए इस दिन को गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है.
गंगा सप्तमी के दिन मां गंगा की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए कहा जाता है कि इस दिन गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से अतीत और वर्तमान के सभी पाप धुल जाते हैं. इसके साथ ही मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं और इस दिन किए गए दान का व्यक्ति को जन्मों तक पुण्य प्राप्त होता है. ऐसे में इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए गंगा सप्तमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- मैं पतित पावनी गंगा,
रखो तुम मेरा मान,
छोड़कर गुणगान मेरा,
चलाओ स्वच्छता अभियान.
गंगा सप्तमी की शुभकामनाएं

2- जिस प्रकार देवताओं को अमृत,
पितरों को स्वधा और नागों को सुधा तृप्तिकारक है,
उसी प्रकार मनुष्यों को गंगाजल तृप्तिकारक है.
ऐसी पतित पावनी गंगा मैया को प्रणाम है.
गंगा सप्तमी की शुभकामनाएं

3- बचाकर रखना गंगा को,
जरूरत कल भी बहुत होगी,
यकीनन आने वाली पीढ़ी,
इतनी पाक भी नहीं होगी.
गंगा सप्तमी की शुभकामनाएं

4- युगों-युगों से बहती आई,
मैं हूं चिर निरंतर बहती गंगा,
तार दूंगी तुम्हारी पीढ़ियां,
अगर स्वच्छ रहेगा गंगाजल.
गंगा सप्तमी की शुभकामनाएं

5- शिव की जटाओं से निकली गंग धारा,
जिसने पापों से तार दिया जग सारा.
गंगा सप्तमी की शुभकामनाएं

गंगा सप्तमी के दिन सुबह उठकर स्नान करना चाहिए. अगर किसी कारणवश आप गंगा में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो फिर घर पर स्नान के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे मिलाकर स्नान करें. स्नान करते समय मां गंगा का ध्यान करें और अपने पापों के लिए क्षमा मांगे. कहा जाता है कि इस दिन जरूरतमंद गरीबों, असहाय और ब्राह्मणों को वस्त्र, फल और अन्न का दान करना चाहिए. ऐसा करने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2022 05:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

