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Durga Puja 2020: शुभो षष्ठी कब है? जानें देवी बोधन का शुभ मुहूर्त, महत्व और शारदीय नवरात्रि व दुर्गा पूजा का पूरा शेड्यूल

शारदीय नवरात्रि के दौरान बंगाली समुदाय के लोग दुर्गा पूजा का उत्सव धूमधाम से मनाते हैं. दुर्गा पूजा के दौरान मुख्य उत्सव की शुरुआत षष्ठी तिथि से होती है और इस दिव देवी बोधन किया जाता है. बंगाली समुदाय के लोगों में नवरात्रि के दौरान षष्ठी तिथि की विशेष महत्व बताया जाता है. इस साल दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत गुरुवार 22 अक्टूबर से शुरू होगी और सोमवार 26 अक्टूबर को समाप्त होगी

Durga Puja 2020: शुभो षष्ठी कब है?  जानें देवी बोधन का शुभ मुहूर्त, महत्व और शारदीय नवरात्रि व दुर्गा पूजा का पूरा शेड्यूल
दुर्गा पूजा 2020 (Photo Credits: File Image)

Durga Puja 2020: मां दुर्गा (Maa Durga) की उपासना और भक्ति के पावन पर्व नवरात्रि (Navratri) की शुरुआत होने वाली है. हालांकि हर साल शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) और दुर्गा पूजा (Durga Puja) का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इस साल कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के प्रकोप के चलते नवरात्रि और दुर्गा पूजा उत्सव को धूमधाम से नहीं मनाया जाएगा. इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 17 अक्टूबर से हो रही है, जिसका समापन 25 अक्टूबर को होगा. शारदीय नवरात्रि के दौरान बंगाली समुदाय के लोग दुर्गा पूजा का उत्सव धूमधाम से मनाते हैं. दुर्गा पूजा के दौरान मुख्य उत्सव की शुरुआत षष्ठी तिथि से होती है और इस दिन देवी बोधन (Devi Bodhan) है. इस साल दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत गुरुवार 22 अक्टूबर से शुरू होगी और सोमवार 26 अक्टूबर को समाप्त होगी.

षष्ठी तिथि और इसका महत्व

नवरात्रि के दौरान षष्ठी तिथि को महाषष्ठी (Maha Shashthi) भी कहा जाता है, जो इस साल 22 अक्टूबर को पड़ रही है. बंगाली समुदाय के लोग इस दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. कहा जाता है कि इस दिन देवी दुर्गा धरती पर आती हैं और उनका स्वागत ढाक-ढोल व भव्य दावत के साथ किया जाता है. इस दिन देवी दुर्गा की प्रतिमा के मुख का अनावरण किया जाता है. बोधन, निमंत्रण और पूजा के साथ उनका धूमधाम से स्वागत किया जाता है. बोधन के दिन ढोल की आवाज और शंख की ध्वनि के बीच देवी के चेहरे को खोला जाता है. यह भी पढ़ें: Navratri and Durga Puja: नवरात्रि और दुर्गा पूजा में क्या अंतर है? प्रतिमाओं की स्थापना, अनुष्ठान से लेकर भोग और शुभ मुहूर्त तक इन दोनों उत्सवों के बारे में विस्तार से जानें

दुर्गा पूजा कैलेंडर

21 अक्टूबर- पंचमी कार्तिक, बिल्व निमंत्रण, निमंत्रण

22 अक्टूबर- षष्ठी, कार्तिक, नवापत्रिका पूजा, कोलाबाऊ पूजा

23 अक्टूबर- सप्तमी कार्तिक

24 अक्टूबर- अष्टमी कार्तिक, दुर्गा अष्टमी, कुमारी पूजा, संध्या पूजा, महानवमी

25 अक्टूबर- नवमी, कार्तिक बंगाल महानवमी, दुर्गा यज्ञ

26 अक्टूबर- विजयादशमी, दशमी कार्तिक, दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी, सिंदूर उत्सव, सिंदूर खेला

नवरात्रि 2020 कैलेंड

17 अक्टूबर- प्रतिपदा, मां शैलपुत्री

18 अक्टूबर- द्वितीया, मां ब्रह्मचारिणी

19 अक्टूबर- तृतीया, मां चंद्रघंटा

20 अक्टूबर- चतुर्थी, मां कूष्मांडा

21 अक्टूबर- पंचमी, मां स्कंदमाता

22 अक्टूबर- षष्ठी, मां कात्यायनी

23 अक्टूबर- सप्तमी, मां कालरात्रि

24 अक्टूबर- अष्टमी, मां महागौरी

25 अक्टूबर- नवमी, मां सिद्धिदात्री

26 अक्टूबर- दशमी, दुर्गा विसर्जन

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गौरतलब है कि इस साल कोरोना संकट के बीच नवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है. हालांकि इस साल डांडिया और गरबे का आयोजन नहीं किया जा रहा है. आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस पर्व को जरूर मनाएं, लेकिन कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मास्क का इस्तेमाल और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना न भूलें.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 16, 2020 02:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).