New Year 2025: सुपरस्टार रजनीकांत ने फिल्म बाशा के पॉपुलर डायलॉग के साथ नए साल की शुभकामनाएं दी
देश और दुनिया ने साल 2024 को अलविदा कहते हुए पूरे जोश के साथ नए साल 2025 का स्वागत किया है. नये साल के अवसर पर साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत ने अपनी फिल्म के डायलॉग के साथ लोगों को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं दी.
नई दिल्ली, 1 जनवरी : देश और दुनिया ने साल 2024 को अलविदा कहते हुए पूरे जोश के साथ नए साल 2025 का स्वागत किया है. नये साल के अवसर पर साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत ने अपनी फिल्म के डायलॉग के साथ लोगों को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं दी. रजनीकांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रजनीकांत ने नए साल की शुभकामनाओं के रूप में अपनी फिल्म बाशा का एक पॉपुलर डायलॉग पोस्ट किया. "ईश्वर अच्छे लोगों की परीक्षा लेता है, लेकिन उन्हें कभी नहीं छोड़ता. दूसरी ओर, ईश्वर बुरे लोगों को बहुत कुछ देता है, लेकिन अंततः उन्हें छोड़ देता है".
बता दें कि इस साल साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म 'कूली' बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाएगी. फिल्म 'कूली' साल 2025 की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है. मेकर्स का कहना है कि ये फिल्म साल 2025 के मिड में रिलीज होगी. हालांकि, अभी तक फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा नहीं की गई है. यह भी पढ़ें : New Year 2025: Neetu Singh ने परिवार संग मनाया नया साल, बेटे रणबीर की गोद में मुंह छिपाती दिखीं राहा
वहीं, वरिष्ठ अदाकारा नीतू सिंह कपूर ने अपने परिवार संग मिलकर नए साल का स्वागत किया. कैमरे में कैद उन पलों को अभिनेत्री ने अपने प्रशंसकों से शेयर किया. इस जश्न का हिस्सा उनकी समधन सोनी राजदान, स्टार कपल रणबीर-आलिया, बेटी रिद्धिमा अपने पति और बेटी बने.
नीतू ने इन चार तस्वीरों की श्रृंखला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा की. इन्हें देख कर एहसास हो रहा है कि ड्रेस कोड ब्लैक है. सभी ने काले रंग का आउटफिट पहन रखा है. हालांकि समधन चीट कर गई हैं. वो रेड कलर की ड्रेस में है उन्होंने अपनी नातिन और नीतू की पोती राहा से ट्विनिंग की है. सोनी रेड ब्लिंगी ड्रेस में दिखीं. एक गार्डन एरिया में फ्लोर सीटिंग के साथ नए साल का जश्न मनाते परिवार दिखा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 01, 2025 10:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

