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Dhammachakra Pravartan Din 2025 HD Images: WhatsApp स्टेटस और Quotes भेजकर मनाएं बाबा साहेब का धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस

14 अक्टूबर 1956 को भारत के पहले कानून मंत्री और भारतीय संविधान के रचैता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने तीन लाख से अधिक अनुयायियों के साथ हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया था. इस ऐतिहासिक घटना को 'धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस' के रूप में जाना जाता है. हालांकि धर्मांतरण की यह घटना 14 अक्टूबर को हुई थी, लेकिन हर वर्ष धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस अशोक विजयादशमी (दशहरा) के दिन ही मनाया जाता है...

Dhammachakra Pravartan Din 2025 HD Images: WhatsApp स्टेटस और Quotes भेजकर मनाएं बाबा साहेब का धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन (Photo: File Image)

Dhammachakra Pravartan Din 2025 HD Images: 14 अक्टूबर 1956 को भारत के पहले कानून मंत्री और भारतीय संविधान के रचैता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने तीन लाख से अधिक अनुयायियों के साथ हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया था. इस ऐतिहासिक घटना को 'धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस' के रूप में जाना जाता है. हालांकि धर्मांतरण की यह घटना 14 अक्टूबर को हुई थी, लेकिन हर वर्ष धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस अशोक विजयादशमी (दशहरा) के दिन ही मनाया जाता है. हर वर्ष इस दिन को बौद्ध अनुयायी नागपुर की दीक्षाभूमि जहां अंबेडकर ने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी. वहां इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं. अशोक विजयादशमी पर लोग लाखों की संख्या में दीक्षाभूमि पर एकत्र होकर इस सामूहिक धर्मांतरण की स्मृति को श्रद्धा और उत्सव के साथ याद करते हैं. सन् 1941 में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने ‘जनता’ पत्रिका में भगवान बुद्ध के जीवन और उनके मिशन पर एक महत्वपूर्ण लेख लिखा था. इसी विचार यात्रा का परिणाम था 14 अक्टूबर 1956 को उन्होंने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म स्वीकार किया. यह भी पढ़ें: Dussehra 2025 Quotes: दशहरा साहस, सत्य और धर्म का पर्व है’ ऐसे कोट्स एवं शुभकामनाएं भेजकर विजयादशमी की मूल भावनाओं को जीवित रखें!

तभी से हर वर्ष 14 अक्टूबर को लोग एक-दूसरे को इस विशेष दिन की शुभकामनाएं देते हैं. यह दिन न केवल धार्मिक परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि जातिगत उत्पीड़न से मुक्ति और सामाजिक न्याय की दिशा में एक साहसिक कदम का प्रतीक भी माना जाता है. लोग सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजकर और इस ऐतिहासिक दिन का सम्मान कर अपना जुड़ाव प्रकट करते हैं.

धम्मचक्र प्रवर्तन दिन की बधाई
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन 2025
धम्मचक्र प्रवर्तन
धम्मचक्र प्रवर्तन दिनाच्या शुभेच्छा

आंबेडकर द्वारा शुरू किए गए दलित बौद्ध आंदोलन को 'नई बौद्ध आंदोलन' या 'नव बौद्ध आंदोलन' के नाम से भी जाना जाता है. विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस आंदोलन के दौरान लगभग पांच लाख दलितों जिन्हें उस समय 'अछूत' माना जाता था, उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया. उन्होंने 'नवयान बौद्ध धर्म' को स्वीकार किया, जिसका अर्थ है 'नया मार्ग' या 'नया वाहन'. 'नवयान' शब्द डॉ. बी.आर. आंबेडकर द्वारा बौद्ध धर्म की एक नई व्याख्या और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित दृष्टिकोण का प्रतीक है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 02, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).