Buddha Purnima 2025 Quotes: मन को शांति और जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं गौतम बुद्ध के ये 10 अनमोल विचार, बुद्ध पूर्णिमा पर करें शेयर
गौतम बुद्ध ने अपने जीवन काल में अनेक चमत्कार किए और लोगों को जीने का सही मार्ग दिखाया. इस पर्व को भारत के साथ-साथ पूरे दक्षिण, दक्षिण पूर्व और पूर्वी एशिया में मनाया जाता है. यह सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देते हुए आधुनिक समय में उनकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालता है. इस अवसर पर आप गौतम बुद्ध के 10 अनमोल विचारों को शेयर कर सकते हैं जो मन को शांति और जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं.
Buddha Purnima 2025 Quotes in Hindi: गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) के 10 प्रमुख अवतारों में से एक माना जाता है, जिनका जन्म वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को हुआ था, इसलिए इस तिथि पर बुद्ध पूर्णिमा के पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जिसे बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) या वेसाक (Vesak) के नाम से जाना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान गौतम बुद्ध से ही बौद्ध धर्म की शुरुआत हुई थी और यह पर्व हिंदुओं के साथ-साथ बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी खास महत्व रखता है. इस साल 12 मई 2025 को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही है. बौद्ध ग्रंथों के अनुसार, भगवान बुद्ध का जन्म छठी शताब्दी में हुआ था. उनके पिता का नाम राजा शुद्धोधन और माता का नाम महामाया था. बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था और 16 वर्ष की आयु में उनका विवाह यशोधरा नाम की राजकुमारी से हो गया था. यशोधरा ने एक सुंदर पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम राहुल रखा गया.
गौतम बुद्ध ने अपने जीवन काल में अनेक चमत्कार किए और लोगों को जीने का सही मार्ग दिखाया. इस पर्व को भारत के साथ-साथ पूरे दक्षिण, दक्षिण पूर्व और पूर्वी एशिया में मनाया जाता है. यह सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देते हुए आधुनिक समय में उनकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालता है. इस अवसर पर आप गौतम बुद्ध के 10 अनमोल विचारों को शेयर कर सकते हैं जो मन को शांति और जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं.










कहा जाता है कि एक बार राजकुमार सिद्धार्थ नगर घूमने निकले तो उनकी नजर एक रोगी, एक वृध व्यक्ति और एक मृत व्यक्ति पर पड़ी. इन्हें देखकर सिद्धार्थ के मन में वैराग्य आ गया और वो महल छोड़कर ज्ञान की तलाश में भटकने लगे. सालों के कठोर तप के बाद 35 साल की उम्र में उन्हें बोधगया में एक पेड़ के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई. गौतम बुद्ध को एक असाधारण दार्शनिक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक, ध्यानी और तपस्वी माना जाता है. उन्होंने पूरे विश्व को सत्य, शांति और मानवता का संदेश दिया था. बुद्ध पूर्णिमा को ‘तीन बार धन्य त्योहार’ के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यह बुद्ध के जीवन की तीन मुख्य घटनाओं- उनका जन्म, ज्ञानोदय और निर्वाण का जश्न मनाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2025 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

