अयोध्या में दीपोत्सव 2025: 29 लाख दीयों से बनेगा विश्व रिकॉर्ड, सीएम योगी करेंगे श्रीराम का राजतिलक
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अयोध्या, 19 अक्टूबर 2025: दिवाली से पूर्व, भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है. आज, सरयू के तट पर आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव 2025 में 29 लाख दीयों को प्रज्वलित कर एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा. इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच रहे हैं, जहां वे गुरु वशिष्ठ की भूमिका में श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे. पूरी रामनगरी आस्था, उल्लास और प्रकाश के दिव्य संगम में सराबोर है.

रोशनी में नहाई श्रीराम जन्मभूमि

दीपोत्सव से पहले ही श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी और आकर्षक विद्युत लाइटों से इस तरह सजाया गया है, मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो. हर दिशा में झिलमिलाती रोशनी और दीपों की कतारें श्रद्धालुओं के मन को भक्ति और उत्साह से भर रही हैं. दिवाली से एक दिन पहले ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और पूरा वातावरण "जय श्री राम" के जयकारों से गूंज रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विस्तृत कार्यक्रम

  • इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहेगा:
  • दोपहर 2:15 बजे: सीएम योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर राम कथा पार्क में लैंड करेगा.
  • दोपहर 3:05 बजे: वह राम कथा पार्क में भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों का पूजन करेंगे.
  • शाम 5:25 बजे: मुख्यमंत्री सरयू के नया घाट पर होने वाली भव्य महा आरती में सम्मिलित होंगे.

गुरु वशिष्ठ की भूमिका में सीएम योगी 

दीपोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण श्रीराम का राजतिलक होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरु वशिष्ठ की प्रतीकात्मक भूमिका निभाएंगे. उनके द्वारा राजतिलक संपन्न होने के बाद, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, दोनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, तथा प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री भगवान श्रीराम और माता सीता की आरती उतारेंगे. इसके बाद साधु-संत भी एक-एक कर राम दरबार की आरती करेंगे.

जन्मभूमि मंदिर में भक्तों की उमड़ी

विश्व रिकॉर्ड की तैयारी और दीयों का बढ़ता वैभव 

इस बार का नौवां दीपोत्सव दो गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है. सरयू के किनारे राम की पैड़ी पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए कुल 28 लाख दीपक बिछाए गए हैं. यह दीपोत्सव के पहले आयोजन से अब तक दीयों की संख्या में लगभग 15 गुना की बढ़ोतरी को दर्शाता है, जो भगवान राम के प्रति आस्था और सम्मान का प्रतीक है.

दीपोत्सव के अन्य मुख्य आकर्षण

इस बार का दीपोत्सव सिर्फ दीयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई आधुनिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल हैं:

ड्रोन शो: 1100 ड्रोन्स के माध्यम से आसमान में एक शानदार ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा.

लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी: पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन आतिशबाजी के साथ एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला लेजर शो भी होगा.

अंतर्राष्ट्रीय रामलीला: रामकथा पार्क में पांच देशों की रामलीलाओं का मंचन किया जाएगा, जिसका अवलोकन मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे.

सांस्कृतिक कार्यक्रम: सरयू की जलधारा के बीच मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी.

अयोध्या से नैमिषारण्य तक दीपोत्सव की धूम

दीपोत्सव का उल्लास केवल अयोध्या तक ही सीमित नहीं है. सीतापुर की तीर्थ नगरी नैमिषारण्य भी सवा लाख दीपों की रोशनी से जगमगा उठी. अयोध्या की तर्ज पर यहाँ भी एक भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें अष्टकोणीय आरती और एक शानदार लेजर शो मुख्य आकर्षण रहे. स्थानीय स्तर पर भी कामता प्रसाद सुंदर लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय जैसे संस्थानों ने रामायण के प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक झांकियों और शोभा यात्राओं का आयोजन कर इस उत्सव में भाग लिया.

प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के इस दिव्य और ऐतिहासिक दीपोत्सव का हिस्सा बन सकें.

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