Aja Ekadashi 2025 Wishes: शुभ अजा एकादशी! प्रियजनों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Messages, Quotes और GIF Greetings
अजा एकादशी के दिन गरुड़ पर सवार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों को शारीरिक, मानसिक कष्टों और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है. ऐसे में इस बेहद पावन अवसर पर आप प्रियजनों संग इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स और जीआईएफ ग्रीटिंग्स को शेयर करके उनसे शुभ अजा एकादशी कह सकते हैं.
Aja Ekadashi 2025 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी (Ekadashi) तिथि को अजा एकादशी (Aja Ekadashi) का व्रत किया जाता है, जिसका अपना एक विशेष महत्व बताया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन से दुख, दर्द और संकटों का नाश होता है, इसके प्रभाव से मृत्यु के बाद मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है. इस एकादशी का व्रत करने वालों को पिछले जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है, जीवन में सकारात्मकता आती है और अनेक कठिनाइयों पर विजय की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं इस व्रत का पालन करने वालों को अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल प्राप्त होता है. इस साल 19 अगस्त 2025 को अजा एकादशी का व्रत (Aja Ekadashi Vrat) किया जा रहा है.
अजा एकादशी के दिन गरुड़ पर सवार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों को शारीरिक, मानसिक कष्टों और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है. ऐसे में इस बेहद पावन अवसर पर आप प्रियजनों संग इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स और जीआईएफ ग्रीटिंग्स को शेयर करके उनसे शुभ अजा एकादशी कह सकते हैं.





अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो आपको अजा एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए. कहा जाता है कि अजा एकादशी व्रत के प्रभाव से गरीबी दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. मान्यता है कि हरिश्चंद्र ने अजा एकादशी का व्रत किया था, जिसके प्रभाव से उन्हें उनके खोए हुए राजपाट, धन-दौलत, पत्नी और पुत्र की फिर से प्राप्ति हो गई थी.
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठने के बाद स्नानादि से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण करें, फिर जगत के पालनहार भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. पूजा स्थल पर श्रीहरि की प्रतिमा स्थापित करें, फिर धूप, दीप, पुष्प, फल और तुलसी दल अर्पित करते हुए विधिवत पूजा करें. पूजन के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम और श्रीहरि के मंत्रों का जप करें. रात्रि जागरण करें और फिर द्वादशी तिथि को ब्राह्मण को भोजन, दक्षिणा देकर अपने व्रत का पारण करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 19, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

