हिंदी सिनेमा में ऐसे अनगिनत सितारे हैं, जिन्होंने अपने दमखम पर अपनी अमिट जगह बनाई, और कम समय में करोड़ों रुपये अर्जित का नामचीन स्टार बनें, वहीं दुर्भाग्यवश कुछ ऐसे भी सितारे हैं जो नाम-दाम कमाने के बावजूद जीवन के अंतिम वक्त में ऐसी स्थिति में पहुंच गये, जहां उन्हें एक गिलास पानी के लिए भी जलालत झेलनी पड़ी. ऐसे ही एक स्टार विलेन थे महेश आनंद, जिनकी 80-90 के दशक में स्टार विलेन में गणना होती थी. उनके जीवन का अंत इनता दुखद होगा, स्वयं महेश आनंद ने नहीं सोचा होगा. आइये जानते हैं महेश आनंद जी के दुखद अंत की व्यथा...
जीरो से स्टार विलेन बनने तक
महेश आनंद ने अपने करियर की शुरुआत साल 1984 में फिल्म करिश्मा से हुई थी. हष्ट-पुष्ट ऊंची कद काठी के वाले महेश आनंद ने जब फिल्मों में शिरकत की तो इस इंडस्ट्री में उनका अपना कोई नहीं था, इसके बावजूद अपने पुरुषत्व और बेहतरीन प्रतिभा के सहारे देखते ही देखते जीरो से स्टार विलेन बन गये. उन्होंने अपने पूरे करियर में भवानी जंक्शन, इंसाफ, शहंशाह, सोने पर सुहागा, गंगा जमुना सरस्वती, कुली नंबर 1, विश्वात्मा, तूफान जैसी तीन सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया यह भी पढ़ें : ये सब्जी है कोलन कैंसर की दुश्मन, 20% तक कम हो सकता है खतरा; रिसर्च में बड़ा खुलासा
5 पत्नियों से लगा करियर पर ग्रहण
महेश का प्रोफेसनल जीवन जितनी सहजता से आगे बढ़ता रहा, उनका निजी जीवन कभी भी सहज नहीं रहा. उनके हष्ट-पुष्ट कद काठी को देखकर कोई भी महिला आकर्षित हो जाती थी. यही वजह थी कि उन्होंने अपने स्टारडम के साथ-साथ 12 महिलाओं को डेट किया. उनकी पहली शादी अभिनेत्री रीना राय की बहन बरखा राय के साथ हुई, जो ज्यादा दिन नहीं चली, इसके बाद उनके जीवन में मिस इंडिया इंटरनेशनल एरिका मारिया डिसूजा आईं. इस विवाह से वह एक बेटे के पिता बने. लेकिन यह विवाह भी ज्यादा लंबा नहीं चला 1999 में उन्होंने अभिनेत्री मधु मल्होत्रा से विवाह किया. शीघ्र ही यह रिश्ता भी टूट गया, क्योंकि इस बीच उनके जीवन में उषा बछानी आ गईं. बताया जाता है कि दोनों की बड़े धूमधाम के साथ शादी हुई, मगर हमेशा की तरह उनके इस रिश्ते की डोर भी जल्दी टूट गई, क्योंकि इस वैवाहिक जीवन रहते उन्होंने एक रशियन सुंदरी लाना से डेट करना शुरू कर दिया था. महेश ने लाना के साथ भारतीय रीति-रिवाज के साथ विवाह किया. कयास लगाया जाने लगा था, अब उनके गिरते करियर ग्राफ में सुधार हो, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी. लिहाजा लाना ने भी उन्हें त्याग दिया.
जब एक गिलास पानी के लिए तरसे महेश
हिंदी सिनेमा में अमिताभ, मिथुन, अक्षय जैसे तमाम अभिनेता हैं, जिन्होंने भी अपने करियर को सिफर से शिखर तक पहुंचाया और आज भी सफलता की ऊंचाइयों पर विद्यमान हैं. शायद इसलिए कि उन्होंने अपने संघर्ष और मुकाम को याद रखा. महेश ऐसा नहीं कर सके. कहा जाता है कि उनके भाई ने उनके 6 करोड़ रुपये हड़प लिये. अभिनेता की स्थिति इतनी दयनीय हो गई थी कि एक गिलास पीने का पानी जुटाने के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ा. उनके इकलौते बेटे ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ चला गया.
‘फेसबुक पर शेयर किया था अपना दुखड़ा’
‘मेरे दोस्त और बाकी सभी लोग मुझे शराबी कहते हैं. मेरा कोई परिवार नहीं है. मेरे सौतेले भाई ने मुझसे 6 करोड़ रुपये ठगे हैं. मैंने 300 से ज़्यादा फ़िल्में की हैं, लेकिन मेरे पास पीने का पानी खरीदने के भी पैसे नहीं हैं. इस दुनिया में मेरा एक भी दोस्त नहीं है, यह बहुत दुखद है.’
अक्षय कुमार से किया हाथापाई
बताया जाता है कि ‘वक्त हमारा है’ के नाइट क्लब के सेट पर महेश ने शराब पीकर एक महिला कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार किया, और जब सेट पर उपस्थित अभिनेता अक्षय कुमार ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो नशे में चूर महेश आनंद अक्षय से भिड़ गये, और दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई.
दुखद अंत
शराब और शबाब का नशा आदमी को तबाह कर देता है, यह बात महेश की जिंदगी पर शत-प्रतिशत लागू होती है. 57 वर्षीय महेश अपने फ्लैट में अकेले रहते थे. एक दिन जब उनकी नौकरानी ने उनके घर की डोर बेल बजाई, और कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने महेश की बहन को फोन किया. बहने की सूचना पर वर्सोवा पुलिस ने जैसे-तैसे दरवाजा खोला तो महेश सोफे पर गिरे पड़े थे. पास में शराब की बोतलें और खाना पड़ा हुआ था, शरीर से बदबू आ रही थी, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में उनकी मौत को स्वाभाविक बताया गया, मगर वह तीन दिन पूर्व मृत हो चुके थे.













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