Independence Day 2021: कोरोना वायरस पर काफी हद तक लगाम लगने के बावजूद एहतियात के तौर इस वर्ष भी हम कुछ वर्चुअल अंदाज में स्वतंत्रता दिवस के अमृत महोत्सव को सेलीब्रेट करेंगे. हिंदुस्तान पर दो सदियों राज करने के बाद 1942 में गांधीजी द्वारा छेड़े ‘भारत छोड़ो महा आंदोलन’ ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव को हिला दिया था. अंग्रेज समझ गए कि भारत पर उनका शासन अब ज्यादा समय तक नहीं चल सकेगा. हांलाकि एक अंतिम कोशिश के तहत ब्रिटिश हुकूमत ने फ़रवरी 1947 में वावेल की जगह लॉर्ड माउंटबेटन को वायसराय बनाकर भेजा गया. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद लार्ड मांउटबेटन असफल रहे. उन्होंने औपचारिक सत्ता हस्तांतरण के लिए 15 अगस्त का दिन मुकर्रर किया. इस घोषणा के बाद संपूर्ण भारत में लोगों ने जमकर खुशियां मनायीं. अंततः 15 अगस्त को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा लहराकर आजादी का आह्वान किया. इस वर्ष हम ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ (75वीं वर्षगांठ) मनाएंगे. यह भी पढ़ें: Independence Day 2021: भारत के साथ-साथ दुनिया के ये 5 देश भी 15 अगस्त को मनाते हैं आजादी का जश्न, जानें उनके बारे में
हालांकि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के कारण आजादी के इस पावन पर्व को वर्चुअल तरीके से मनाना होगा. यद्यपि कोरोना वायरस की महामारी पर हम नियंत्रण पाने में काफी हद तक सफल हुए हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सावधानी अभी भी आवश्यक है. इसलिए स्वतंत्रता दिवस से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया है.
अंग्रेजी हुकूमत से लंबे संघर्षों और शहादतों के बाद हमने आजादी पाई है, और हमारा सौभाग्य है कि इस वर्ष हमे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने का जो स्वर्ण अवसर प्राप्त हुआ है, उसे कोई भी राष्ट्रभक्त यूं जाया नहीं जाने देना चाहेगा. कोरोना महामारी से सावधान रहते हुए भी हम इस महोत्सव को उसी शिद्दत से मनाएंगे. यहां हम कुछ स्पेशल सेलीब्रेशन के तहत आजादी के प्रतीक तिरंगे से संबद्ध व्यंजन एवं देशभक्ति के गानों के साथ इसे यादगार बनाने का कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.
तिरंगा सदृश्य लजीज व्यंजन एवं सेहतमंद पेय
आजादी के इस अमृत महोत्सव में राष्ट्रीयता के रंग भरने वाले विभिन्न पेय एवं व्यंजन बना सकते हैं. हमें करना केवल यह है कि ऑन लाइन पर उपलब्ध ऐसे व्यंजनों को सर्च करें, उसके लिए आवश्यक सामग्री जुटाएं और बनाए स्वादिष्ट एवं सेहतमंद पकवान. बस व्यंजन या पेय बनाते समय तिरंगे के रंगों मेजेंटा, सफेद एवं हरे रंग का ध्यान रखें. ऐसा करने के बाद आप स्वयं आजादी के इस आस्वाद का आनंद ले सकेंगे.
बगीचों एवं बालकॉनियों में लहरायें तिरंगा
दो साल पूर्व तक हम स्कूल कॉलेज एवं सोसायटियों में सार्वजनिक रूप से स्वतंत्रता दिवस मनाकर आह्लादित होते थे. मगर इस वर्ष..? कोई बात नहीं, इस वर्ष हम घर से बाहर निकले बगैर अपने बगीचों एवं बॉलकनियों में तिरंगा लहराकर राष्ट्रगान कर तिरंगे को सलाम करेंगे. जहां तक तिरंगे की बात है तो यह समस्या हम यहां दूर कर देते हैं. आप घर पर ही बहुत खूबसूरत तिरंगा बना सकते हैं.
घर पर खेलें आउटडोर गेम्स
आजादी के अमृत महोत्सव को यादगार बनाने के लिए एंड्रॉइड प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर गेम्स की तमाम वैरायटीज उपलब्ध हैं. पबजी, कॉल ऑफ ड्यूटी और टेंपल रन जैसे गेम्स तो कई लोग खेलते हैं, लेकिन गिल्ली डंडा, कबड्डी जैसे पारंपरिक भारतीय खेलों को खेलने का अपना एक अलग ही आनंद है. आजादी के अमृत महोत्सव पर हम इन खेलों को ऑनलाइन खेलकर इस दिन को यादगार बना सकते हैं.
वर्चुअल गतिविधियां
स्कूल कॉलेज में बच्चे विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर स्वतंत्रता दिवस में प्राण फूंक देते हैं. लेकिन कोरोना काल में इस वर्ष भी कोई आयोजन नहीं किए जाएंगे. ऐसे में बच्चे घर पर रहकर विभिन्न परिधानों में छोटे-मोटे प्रोग्राम कर देश भक्ति के मैसेज अपने मित्रों एवं नाते दारों को भेजकर आजादी के अमृत महोत्सव का वर्चुअल आनंद उठा सकते हैं.
देशभक्ति के गीत गायें, आजादी का अमृत महोत्सव मनाएं
हर भारतीय के मन में राष्ट्रप्रेम कूट-कूट कर भरा होता है. आजादी के तमाम गीत हमें कंठस्थ हैं, इसके लिए किसी दिवस विशेष की जरूरत नहीं. लेकिन जब हमें आजादी का 75 वर्ष सेलीब्रेट करने का अवसर मिल रहा है तो हमें इसे यादगार बनाने का कोई कसर नहीं छोड़ना चाहिए. आप गांधी, आजाद, भगत सिंह. आचार्य राम प्रसाद बिस्मिल इत्यादि की याद में देश भक्ति के गाने गाकर इस महोत्सव में रंग भर सकते हैं.
लेकिन ये सारी गतिविधियां आपको अपने एवं दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही करना है. यकीन मानिये इस वर्ष अगर आप थोड़ा संयम बरतने में सफल रहे तो अगले वर्ष स्वतंत्रता दिवस को हम और खूबसूरत बना सकते हैं. फिलहाल जरूरत है सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क एवं हाथों को निरंतर धोते रहने की. आइये हम सब मिलकर बोलें ‘जय हिंद’












QuickLY