Yogi Goverment: योगी सरकार की बेमिसाल पहल, दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण पर फोकस
प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि योगी सरकार की नीतियां केवल सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए.
लखनऊ, 30 दिसंबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग, के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. शिक्षा, पेंशन, निःशुल्क परिवहन, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य इन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर करना है. इसी क्रम में योगी सरकार की ओर से दिव्यांग विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है. BMC समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं का आज नामांकन का अंतिम दिन, 15 जनवरी को होने हैं चुनाव
प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि योगी सरकार की नीतियां केवल सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए.
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि ये संस्थान दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं. उन्होंने मंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाकर अधिक से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए. साथ ही विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति तथा निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए गए.
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कहा गया कि योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. मंत्री ने जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और कमजोर प्रगति वाले जिलों में जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए.
अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में शादी अनुदान योजना से 72,690 लाभार्थी लाभान्वित हुए. छात्रवृत्ति योजना के तहत 12,76,303 विद्यार्थियों को सहायता, कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में 25,588 ‘ओ’ लेवल एवं 9,304 ‘सीसीसी’ प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य आवंटित किया गया.
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 11,88,425 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन, 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन, निःशुल्क बस यात्रा योजना के अंतर्गत 16,97,319 दिव्यांगजन एवं उनके सहयोगियों को लाभ मिला है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य निधि का उपयोग पूरी संवेदनशीलता के साथ दिव्यांगजनों के हित में किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि लखनऊ में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता, प्रयागराज और ललितपुर में दिव्यांग पुनर्वासन पर राष्ट्रीय कार्यशालाएं, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी एवं बागपत में चित्रकला व हस्तकला प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 30, 2025 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

