Kasganj: मर चुके युवक को जिंदा करने के लिए किए गए तंत्र मंत्र और टोटके, बंगाल से बुलाई गई तांत्रिक, कासगंज जिले में 3 दिन तक चला अंधविश्वास का खेल; VIDEO

आज दुनिया काफी आगे बढ़ चुकी है. लेकिन अब भी कई गांव ऐसे है, जो तंत्र मंत्र जादू टोने पर विश्वास करता है.ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज से सामने आया है. जहांपर एक मृत युवक को जिंदा करने के लिए तीन दिनों तक जमकर जादू टोना किया गया.

Credit-(X,@WeUttarPradesh)

कासगंज, उत्तर प्रदेश: आज दुनिया काफी आगे बढ़ चुकी है. लेकिन अब भी कई गांव ऐसे है, जो तंत्र मंत्र जादू टोने पर विश्वास करता है.ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज से सामने आया है. जहांपर एक मृत युवक को जिंदा करने के लिए तीन दिनों तक जमकर जादू टोना किया गया.ये घटना अमांपुर क्षेत्र के बीनपुर कलां गांव की है. यहांपर 25 वर्षीय युवक महादीपक को 5 अगस्त की रात उस समय सांप ने डस लिया, जब वह अपनी झोपड़ी में सो रहा था. घटना के बाद उसने पत्नी को इसकी जानकारी दी. परिजनों ने पहले गांव में ही इलाज कराया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उसे जिला हॉस्पिटल भेजा गया. डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर अलीगढ़ रेफर कर दिया.

इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @WeUttarPradesh नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Death by Snake Bite: जहरीले सांप के साथ स्टंट करना पड़ा महंगा! काटने से हुई युवक की मौत, महाराष्ट्र के गोंदिया जिले का वीडियो आया सामने;VIDEO

मृत युवक को जिंदा करने के लिए किया गया जादू टोना

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि अलीगढ़ में 7 अगस्त को इलाज के दौरान महादीपक की मौत हो गई. शव गांव लाने के बाद परिजन यह मानने को तैयार नहीं हुए कि वह अब नहीं रहा. उन्होंने उम्मीद जताई कि वह फिर से जीवित हो सकता है.युवक के परिजन अंधविश्वास में फंसकर तंत्र मंत्र करनेवाली महिला को बुला लाएं. पिछले तीन दिनों से गांव में झाड़-फूंक, थाली बजाना और मंत्रोच्चार का सिलसिला जारी है. ग्रामीणों के मुताबिक, बायगीर परिजनों को यह भरोसा दिला रहे हैं कि युवक वापस जिंदगी में लौट सकता है. लेकिन युवक जिंदा नहीं हो सका.

पुलिस की मौजूदगी और पूछताछ

मामले की जानकारी मिलने पर अमांपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व ग्रामीणों से पूरी घटना के बारे में जानकारी जुटाई.

डॉक्टर की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि सर्पदंश के मामले में समय पर हॉस्पिटल पहुंचना ही जीवन बचाने का एकमात्र तरीका है. उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मामलों में झाड़-फूंक और अंधविश्वास के बजाय तुरंत चिकित्सीय उपचार लें.

 

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