देश

VIDEO: 'जो गंगा किनारे मरेगा, वह मोक्ष पाएगा', महाकुंभ भगदड़ पर बोले बागेश्वर बाबा, सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) का एक अजीबोगरीब बयान सामने आया है. बाबा ने कहा कि जो गंगा किनारे मरेगा, वह मोक्ष पाएगा.

VIDEO: 'जो गंगा किनारे मरेगा, वह मोक्ष पाएगा', महाकुंभ भगदड़ पर बोले बागेश्वर बाबा, सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल
Photo- Insta & X

Bageshwar Baba on Maha Kumbh Stampede: प्रयागराज के महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) का एक अजीबोगरीब बयान सामने आया है. बाबा ने कहा कि जो गंगा किनारे मरेगा, वह मोक्ष पाएगा. अब उनका यह सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं. वायरल वीडियो में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महाकुंभ में हुई भगदड़ को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

उन्होंने कहा, "हर दिन करोड़ों लोग मरते हैं. कोई बीमारी से, कोई इलाज के अभाव में, कोई हार्ट अटैक से. महाकुंभ की घटना दुखद है, लेकिन अगर कोई गंगा के किनारे मरेगा तो उसे मृत्यु नहीं, मोक्ष मिलेगा." बाबा बागेश्वर आगे कहा कि महाकुंभ में आने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता और यह स्थल महाप्रयाग है, जहां मृत्यु भी मोक्ष का द्वार खोल देती है.

ये भी पढें: VIDEO: बागेश्वर बाबा के सत्संग में भगदड़ जैसी स्थिति, भारी भीड़ से घबराए लोग; महाराष्ट्र के भिवंडी की घटना

जो गंगा किनारे मरेगा, वह मोक्ष पाएगा- बाबा बागेश्वर

'हज़ारों लोग तालियां बजा रहे हैं. कैसी बेशर्मी है'

जो महाकुंभ में नहीं आएगा, वह देशद्रोही कहलाएगा- बाबा बागेश्वर

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

लोकगायिका नेहा सिंह राठौर ने बाबा के बयान का वीडियो शेयर कर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, "अगर भगदड़ में मरना मोक्ष पाने का तरीका है, तो सारे VIP और ये बाबा खुद भगदड़ में क्यों नहीं कूद पड़े?* उन्होंने अपने दूसरे पोस्ट में लिखा, "हिंदू 100% खतरे में है, लेकिन बाहरी ताकतों से नहीं, बल्कि इन सरकारी बाबाओं से. पहले ये बोले कि जो महाकुंभ नहीं आएगा वो देशद्रोही है, और अब कह रहे हैं कि भगदड़ में मरने वालों को मोक्ष मिलेगा." एक दूसरे यूजर ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी आप जनता को  मूर्ख समझते है क्या? वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, ''बाबा बागेश्वर के धीरेन्द्र शास्त्री कहते हैं कि महाकुंभ में मरने वाले मरे नहीं हैं, उन्हें मोक्ष मिल गया है और सामने बैठे सैकड़ों-हजारों लोग तालियां बजा रहे हैं. कैसी बेशर्मी है!

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी. अचानक बढ़े दबाव के कारण अखाड़ा मार्ग की बैरिकेडिंग टूट गई, जिससे भगदड़ मच गई. हजारों श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिर पड़े और 30 लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए.

प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे थे, लेकिन भीड़ अनियंत्रित हो गई. डीआईजी वैभव कृष्ण और मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 31, 2025 02:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).