देश

VIDEO: 'आजकल कथावाचन का काम...': जगद्गुरु Ramabhadracharya ने संत Premananda Maharaj के बारे में ऐसा क्या कह दिया? जिसे लेकर सोशल मीडिया पर मचा है बवाल

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट स्थित तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर और जगद्गुरु रामभद्राचार्य इन दिनों अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. दरअसल, उन्होंने एक इंटरव्यू में लोकप्रिय संत प्रेमानंद महाराज को लेकर टिप्पणी की है.

VIDEO: 'आजकल कथावाचन का काम...': जगद्गुरु Ramabhadracharya ने संत Premananda Maharaj के बारे में ऐसा क्या कह दिया? जिसे लेकर सोशल मीडिया पर मचा है बवाल
Photo- @niteshnarayan01 & @kalisenachief/X

Ramabhadracharya on Premananda Maharaj: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट स्थित तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर (Peethadheeswar of Tulsi Peeth) और जगद्गुरु रामभद्राचार्य इन दिनों अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. दरअसल, उन्होंने एक इंटरव्यू में मथुरा (Mathura News) के लोकप्रिय संत प्रेमानंद महाराज को लेकर टिप्पणी की है. इस बयान के बाद संत समाज में आक्रोश और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. रामभद्राचार्य ने एक इंटरव्यू (Interview with Rambhadracharya) के दौरान कहा कि प्रेमानंद महाराज उनके लिए 'बच्चे जैसे' हैं. उन्होंने कहा कि आजकल कथावाचन का काम कुछ ऐसे लोग कर रहे हैं, जिन्हें धर्म और शास्त्रों का गहरा ज्ञान नहीं है. पहले यह काम केवल विद्वान लोग ही करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है.

ये भी पढें: राज कुंद्रा की किडनी डोनेट करने की इच्छा पर ट्रोल्स का हमला, प्रेमानंद महाराज के लिए जताई थी सहानुभूति

रामभद्राचार्य का प्रेमानंद महाराज पर बड़ा बयान

स्वामी रामभद्राचार्य  ने प्रेमानंद महाराज को किया चैलेंज

जब पत्रकार ने पूछा कि प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) पिछले 19 सालों से डायलिसिस पर हैं और उनके भक्त इसे चमत्कार मानते हैं, तो रामभद्राचार्य (Swami Ramabhadracharya) ने कहा कि यह कोई चमत्कार नहीं है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रेमानंद महाराज उनके सामने संस्कृत का एक भी अक्षर बोलें या किसी श्लोक का अर्थ समझाएं, तभी वे इसे चमत्कार मानेंगे.

प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता पर भी उठाए सवाल

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रेमानंद महाराज से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. लेकिन साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि वे उन्हें न तो विद्वान मानते हैं और न ही चमत्कारी संत. उन्होंने यहां तक कहा कि प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता (Popularity of Premananda Maharaj) 'क्षणभंगुर' है, यानी यह ज्यादा समय तक नहीं रहेगी.

स्वामी रामभद्राचार्य के बयान पर संतों की प्रतिक्रिया

रामभद्राचार्य के इस बयान के बाद संत समुदाय (Saints Community)  की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं. स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती (Swami Chidambarananda Saraswati), आचार्य मधुसूदन महाराज (Acharya Madhusudan Maharaj) और अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव महंत केशव स्वरूप ब्रह्मचारी (Mahant Keshav Swaroop Brahmachari) ने इस टिप्पणी को अनुचित बताया है. महंत केशव स्वरूप ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि किसी को संस्कृत का गहरा ज्ञान हो, तभी उसे चमत्कारी कहा जाए.

वहीं, अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास (Mahant Raju Das) ने कहा कि दोनों संत अपने-अपने क्षेत्र में सम्मानित हैं और उन्हें इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2025 11:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).