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पंजाब के मुख्यमंत्री आवास के पास विरोध कर रहे आप कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार

राज्य भर में बिजली कटौती के खिलाफ पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के फार्महाउस के पास प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के (आप) के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया.

पंजाब के मुख्यमंत्री आवास के पास विरोध कर रहे आप कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार
आम आदमी पार्टी ( फोटो क्रेडिट- ANI )

चंडीगढ़, 3 जुलाई : राज्य भर में बिजली कटौती के खिलाफ पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) के फार्महाउस के पास प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के (आप) के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. पंजाब आप प्रमुख भगवंत मान के नेतृत्व में हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और नारेबाजी करते हुए सिसवान के फार्महाउस की ओर मार्च करने लगे. गंभीर बिजली संकट का सामना करते हुए पंजाब सरकार ने शुक्रवार से सरकारी कार्यालयों के समय में कटौती की, इसके अलावा ज्यादा ऊर्जा खपत वाले उद्योगों को तत्काल प्रभाव से बिजली की आपूर्ति में कटौती की ताकि फसलों को बचाने और घरेलू बिजली की स्थिति को कम किया जा सके.

आप विधायक और यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि ज्यादा लागत और बिजली की कमी का मुख्य कारण प्राइवेट थर्मल प्लांट के साथ पिछली (प्रकाश सिंह) बादल सरकार द्वारा किए गए गलत बिजली खरीद समझौते हैं, जिन्हें वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा रद्द नहीं किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया, बादल की तरह अमरिंदर सिंह सरकार भी बिजली कंपनियों से रिश्वत ले रही है. यह विरोध आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा अगले साल की शुरूआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत पर 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और पंजाब में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति का वादा करने के कुछ दिनों बाद आया है. यह भी पढ़े : Covishield वैक्सीन जैब रिसीवर्स को यूरोपीय संघ में प्रवेश से किया जा सकता है वंचित

एक दिन पहले, शिरोमणि अकाली दल ने किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगपतियों की दुर्दशा को उजागर करने के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन किया था, उनका दावा था कि वे परेशान हैं क्योंकि कांग्रेस सरकार ने यह जानबूझकर किया है. शहरी क्षेत्रों में अनिर्धारित बिजली कटौती के अलावा, किसानों को आठ घंटे की मुफ्त बिजली आपूर्ति पर रोक लगा दी.

बिजली कटौती को लेकर राज्य में अपनी ही सरकार का मजाक उड़ाते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने शुक्रवार को कहा था, "पंजाब में बिजली कटौती की कोई जरूरत नहीं है या मुख्यमंत्री को कार्यालय के समय या आम लोगों के एसी के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की जरूरत नहीं है. अगर हम सही दिशा में काम करते हैं." एक के पहले ट्वीट करते हुए सिद्धू ने कहा, "पंजाब पहले ही 9,000 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी देता है लेकिन दिल्ली बिजली सब्सिडी के रूप में केवल 1,699 करोड़ रुपये देती है." "अगर पंजाब दिल्ली मॉडल की नकल करता है, तो हमें सब्सिडी के रूप में केवल 1,600-2,000 करोड़ रुपये मिलेंगे. पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए पंजाब को एक मूल पंजाब मॉडल की जरूरत है, न कि कॉपी किए गए मॉडल की !!"

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2021 06:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).