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LPG Price Hike: रसोई गैस की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, घरेलू एलपीजी सिलेंडर 29 रुपये महंगा; जानें दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद समेत अन्य शहरों के नए रेट्स

तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की है. वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ते घाटे के बीच 7 जून से देश के प्रमुख शहरों में खाना पकाने की गैस के नए दाम लागू हो गए हैं.

LPG Price Hike: रसोई गैस की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, घरेलू एलपीजी सिलेंडर 29 रुपये महंगा; जानें दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद समेत अन्य शहरों के नए रेट्स
(Photo Credits Twitter)

LPG Price Hike: देश में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ गया है. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. नए दाम 7 जून से प्रभावी हो गए हैं. वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण कंपनियों ने यह कदम उठाया है. इससे पहले 7 मार्च को भी प्रति सिलेंडर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.

घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम

इस संशोधन के बाद देश के अधिकांश हिस्सों में रसोई गैस महंगी हो गई है. दिल्ली में अब घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और हैदराबाद में 994 रुपये हो गई है. हालांकि, बेंगलुरु इस बढ़ोतरी से अछूता रहा है, जहां कीमतें 915.50 रुपये पर स्थिर हैं. इसके साथ ही कमर्शियल उपयोग वाले 19 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव देखा गया है. यह भी पढ़े:  LPG Price Hike: ईरान संकट के बीच कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल; दिल्ली में ₹993 बढ़े दाम, जानें घरेलू सिलेंडर का हाल

14.2 KG (घरेलू) -19 KG (कमर्शियल) सिलेंडर की नई दरें

शहर घरेलू एलपीजी (14.2 किग्रा) कमर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा)
नई दिल्ली INR 942.00 (+29.00) INR 3,113.50
कोलकाता INR 968.00 (+29.00) INR 3,255.50
मुंबई INR 941.50 (+29.00) INR 3,067.50
चेन्नई INR 957.50 (+29.00) INR 3,283.00
हैदराबाद INR 994.00 (+29.00) INR 3,367.00
लखनऊ INR 979.50 (+29.00) INR 3,236.00
पटना INR 1,031.50 (+29.00) INR 3,400.00

कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर जहाजों के आवागमन में आ रही बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है. ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर पर बनी हुई हैं. इस वजह से इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियों की इनपुट लागत काफी बढ़ गई है.

घाटे से जूझ रही हैं तेल कंपनियां

उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मार्च में हुई बढ़ोतरी के बावजूद तेल कंपनियों का घाटा पूरी तरह कम नहीं हुआ था. इस नए संशोधन से पहले कंपनियों को प्रति घरेलू सिलेंडर लगभग 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था. वर्तमान वृद्धि के बाद भी कंपनियों का अंडर-रिकवरी (लागत और बिक्री मूल्य का अंतर) का आंकड़ा काफी बड़ा बना हुआ है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक अंतर-मंत्रालयी बैठक में कहा कि सरकार घरेलू उत्पादन और आयात बढ़ाकर एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर अंडर-रिकवरी अभी भी लगभग 700 रुपये के दायरे में है.

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी भी हुए महंगे

एलपीजी की कीमतों में यह वृद्धि देश में ईंधनों की दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का हिस्सा है. मई के मध्य से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो चुका है. वहीं कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की दरें भी करीब 6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गई हैं. सूत्रों का कहना है कि हालिया बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 11 रुपये और डीजल पर 33.6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 07, 2026 11:55 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).