Remaining AAP MPs In Rajya Sabha: आम आदमी पार्टी (AAP) को राज्यसभा में बड़ा झटका लगा है. राघव चड्ढा के नेतृत्व में सात सांसदों के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद अब उच्च सदन में AAP की संख्या घटकर सिर्फ तीन रह गई है. यह घटनाक्रम AAP के संसदीय इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. 2022 में विस्तार के बाद पहली बार पार्टी की राज्यसभा में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इस फैसले के बाद संसद में AAP की ताकत और प्रभाव दोनों पर असर पड़ना तय है. AAP नेतृत्व को आत्ममंथन की जरूरत, 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने पर BJP का हमला
पार्टी छोड़ने की इस लहर के पीछे आंतरिक मतभेदों को वजह माना जा रहा है. 2 अप्रैल को राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाया गया था, जिसके बाद से ही पार्टी में खींचतान की खबरें सामने आ रही थीं.
अब राज्यसभा में AAP की ओर से सिर्फ तीन सदस्य बचे हैं, जिनमें संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सीचेवाल शामिल हैं. ये तीनों नेता अब उच्च सदन में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे और उसकी आवाज बने रहेंगे.
संजय सिंह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं. वहीं, एनडी गुप्ता एक वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और 2018 से राज्यसभा सदस्य हैं. बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से आने वाले एक जाने-माने पर्यावरणविद हैं.
हालांकि राज्यसभा में पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन लोकसभा में AAP की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है. पार्टी के पास अभी भी तीन सांसद हैं, जो सभी पंजाब से आते हैं. लोकसभा में AAP का प्रतिनिधित्व गुरमीत सिंह मीत हेयर (संगरूर), राज कुमार चब्बेवाल (होशियारपुर) और मलविंदर सिंह कंग (आनंदपुर साहिब) कर रहे हैं. पार्टी के लिए इस स्थिति में अपने संसदीय आधार को बनाए रखना काफी अहम माना जा रहा है.











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