महाकुंभ में साजिश के तहत हुई भगदड़? 16 हजार मोबाइल नंबरों के डेटा की जांच कर रहा यूपी STF
यूपी एसटीएफ प्रयागराज कुंभ मेला में हुई भगदड़ के पीछे साजिश की जांच कर रहा है और 16,000 मोबाइल नंबरों के डेटा का विश्लेषण कर रहा है, मौनी अमावस्या की घटना में 30 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद भीड़ प्रबंधन के कड़े उपाय किए गए हैं.
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ की जांच तेज कर दी है. एसटीएफ की टीमें इस घटना में किसी साजिश के एंगल पर भी गौर कर रही हैं. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं महाकुंभ में जानबूझकर भगदड़ करवाई तो नहीं गई. इसके लिए एसटीएफ संगम नोज के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों के डेटा का विश्लेषण कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, 16 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों के डेटा की जांच की जा रही है. जांच में पाया गया है कि कई मोबाइल नंबर घटना के बाद से ही बंद पाए गए हैं.
महाकुंभ मेला क्षेत्र में बने कमांड एंड कंट्रोल रूम के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों को फेस रिकग्निशन ऐप के जरिए पहचानने का प्रयास किया जा रहा है. वसंत पंचमी के स्नान को लेकर यूपी पुलिस हाई अलर्ट पर है. आज रात भर यूपी पुलिस के बड़े अफसर महाकुंभ और प्रयागराज में फील्ड पर सक्रिय रहेंगे.
बसंत पंचमी पर होगा अमृत स्नान
बसंत पंचमी के मौके पर महाकुंभ में होने वाला तीसरा अमृत स्नान सोमवार सुबह 5 बजे से शुरू होगा. सबसे पहले सुबह 4 बजे पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अमृत स्नान के लिए संगम घाट पर पहुंचेगा. इसके बाद एक-एक करके अन्य 12 अखाड़े भी संगम में डुबकी लगाएंगे. बता दें कि मौनी अमावस्या के दिन 29 और 30 जनवरी की दरमियानी रात 2 बजे के करीब प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ मची थी. घटना के करीब 16 घंटे बाद महाकुंभ प्रशासन ने 30 श्रद्धालुओं की मौत और 60 के घायल होने की पुष्टि की थी.
प्रयागराज में वाहन प्रवेश पर रोक
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, 2 फरवरी को सुबह 8 बजे तक 41.90 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई थी. इस तरह महाकुंभ के दौरान अब तक 34 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया है. बसंत पंचमी के मौके पर 3 फरवरी को होने वाले अमृत स्नान से पहले प्रयागराज शहर में बाहर से आने वाली गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. दूसरे जनपदों से आने वाले श्रद्धालुओं को अपने वाहन शहरी क्षेत्र के बाहर बनाए गए पार्किंग स्टैंड में खड़े करने होंगे. यहां से श्रद्धालु शटल बस और पैदल चलकर निकटतम घाटों पर पहुंच सकेंगे. यह व्यवस्था 2 से 4 फरवरी तक लागू रहेगी. बड़े और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं.
सरकार ने उठाए कड़े कदम
महाकुंभ में 29-30 जनवरी की दरमियानी रात मची भगदड़ के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बेहतर भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं. इसके तहत मुख्य स्नान पर्व के एक दिन पहले और एक दिन बाद तक, शहर में वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया गया है. सभी वीआईपी पास रद्द कर दिए गए हैं. महाकुंभ मेला को शहर से जोड़ने वाले सभी 40 पांटून पुलों को खोल दिया गया है. पहले, वैध पास वाले वाहनों को महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थापित विभिन्न शिविरों तक यात्रा करने की अनुमति थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2025 11:37 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

