Vodafone Idea को फिर से खड़ा करने की कोशिश, 2.9 अरब डॉलर का कर्ज लेकर नेटवर्क मजबूत करने का प्लान
Vodafone Idea Plans To Raise $2.9 Billion In Loans To Boost Network

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone Idea Limited) एक बार फिर से अपने नेटवर्क को मजबूत करने और प्रतिस्पर्धियों से टक्कर लेने के लिए करीब 2.9 अरब डॉलर (लगभग 24,000 करोड़ रुपये) का कर्ज लेने की योजना बना रही है. इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कंपनी कई बैंकों से बातचीत कर रही है, और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) इस लोन संघ (Loan Consortium) का नेतृत्व कर सकता है.

कौन देगा कर्ज?

सूत्रों के अनुसार, यह कर्ज घरेलू और विदेशी बैंकों के सहयोग से लिया जाएगा और इसकी अवधि करीब 10 साल की हो सकती है. कुछ वैश्विक बैंक (Global Banks) भी इस समूह में शामिल हो सकते हैं. कर्ज जुटाने की यह प्रक्रिया एक साल के भीतर पूरी की जा सकती है.

पहले क्यों टली थी योजना?

इससे पहले वोडाफोन आइडिया यह लोन योजना लाना चाहती थी, लेकिन कमजोर वित्तीय स्थिति और सरकार को बकाया भारी रकम की वजह से बैंकों ने दूरी बना ली थी. लेकिन अब दोबारा से कोशिशें तेज हो गई हैं, क्योंकि यह खबरें भी सामने आई हैं, कि सरकार टेलीकॉम कंपनियों के बकाया पर राहत देने की योजना पर विचार कर रही है.

ग्राहकों का चले जाना बना चिंता का विषय

वोडाफोन आइडिया के लिए यह कदम काफी अहम है, क्योंकि उसके कई ग्राहक रिलायंस जियो (Reliance Jio) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) जैसी बड़ी कंपनियों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं. ऐसे में कंपनी के लिए नेटवर्क को अपग्रेड करना और बाजार में अपनी हिस्सेदारी (Market Share) फिर से हासिल करना बेहद ज़रूरी हो गया है.

फंड का इस्तेमाल कहां होगा?

अगर कंपनी सफलतापूर्वक यह कर्ज जुटा लेती है, तो इसका उपयोग नेटवर्क विस्तार, 5जी  रोलआउट (5G Rollout) और अन्य पूंजीगत खर्चों (Capex) में किया जाएगा.

सरकार की हिस्सेदारी बढ़ी

अप्रैल 2024 में सरकार ने वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी 48.99% तक बढ़ा दी थी. यह हिस्सेदारी सरकार ने कंपनी के स्पेक्ट्रम पेमेंट (Spectrum Payment) के एक हिस्से को इक्विटी (Equity) में बदलकर हासिल की थी.

कंपनी और बैंक की प्रतिक्रिया

रिपोर्ट के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया ने कहा है कि उन्हें सरकार की ओर से किसी तरह की आधिकारिक राहत की सूचना अब तक नहीं मिली है. वहीं, एसबीआई ने भी इस खबर पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

बोर्ड ने मई में दी थी फंड जुटाने की मंजूरी

मई 2025 में वोडाफोन आइडिया के बोर्ड ने 20,000 करोड़ रुपये (200 बिलियन रुपये) तक की रकम इक्विटी या कर्ज के ज़रिए जुटाने की मंजूरी दी थी.

वोडाफोन आइडिया को एक बार फिर बाजार में मजबूत स्थिति में लाने के लिए यह फंडिंग बेहद जरूरी मानी जा रही है. अगर कंपनी यह रकम जुटा पाती है, तो यह उसके नेटवर्क और सर्विस क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद करेगा, जिससे ग्राहकों का भरोसा भी वापस आ सकता है.