हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा रहा है कि "गैस नहीं है? दही-चूड़ा खाओ…". इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, खासकर बिहार में, जहाँ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। RJD ने इस टिप्पणी को आम जनता की बढ़ती समस्याओं और गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी का कहना है कि यह टिप्पणी देश में बढ़ती महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की अनुपलब्धता का एक कड़वा सच बयां करती है.
RJD ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
RJD प्रवक्ता कंचन यादव ने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "गैस नहीं है? दही-चूड़ा खाओ…! प्रधानमंत्री जी ने क्या दिन ला दिए हैं! अब लोग गैस सिलेंडर के बजाय दही-चूड़ा खाकर गुजारा करें?" पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आम आदमी की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील है और महंगाई पर नियंत्रण पाने में विफल रही है. RJD नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें और उसकी अनुपलब्धता गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, और ऐसी टिप्पणियां उनकी पीड़ा का उपहास करती हैं. यह भी पढ़े: No Gas? Eat Curd-Chura: गैस नहीं मिल रहा है तो दही चूड़ा खाओ, ‘मजदूरों को ‘ज्ञान’ देते सुपरवाइजर का VIDEO वायरल, भड़के यूजर्स
RJD प्रवक्ता कंचन यादव का पोस्ट
"देखो, गैस नहीं मिल रही है तो दही-चूड़ा खाओ।"
क्या दिन ला दिए हैं एक कायर प्रधानमंत्री ने। pic.twitter.com/DgVvLL5pOa
— Dr. Kanchana Yadav (@Kanchanyadav000) March 23, 2026
बढ़ती महंगाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश भर में महंगाई, विशेषकर रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं। RJD का यह हमला बिहार में आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इस मुद्दे को भुनाकर जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है।
आगे की राह और जनता की अपेक्षाएं
इस वायरल वीडियो और उस पर RJD की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर महंगाई के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है. जहां एक ओर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता सरकार से ठोस कदम उठाने की उम्मीद कर रही है ताकि उन्हें बढ़ती कीमतों से राहत मिल सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार और सत्ताधारी दल इस आलोचना का जवाब कैसे देते हैं और क्या वे महंगाई के मुद्दे पर कोई नई रणनीति पेश करते हैं. फिलहाल, 'गैस नहीं है? दही-चूड़ा खाओ…' वाली टिप्पणी राजनीतिक चर्चा का एक गर्म विषय बनी हुई है. (इनपुट पत्रिका न्यूज)













QuickLY