Valmiki Jayanti School Holiday 2035: हर साल आश्विन माह की पूर्णिमा के दिन पूरे देश में महर्षि वाल्मीकि जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है. माना जाता है, कि इसी दिन आदि कवि महर्षि वाल्मीकि का जन्म हुआ था. उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित रामायण की रचना की थी. इस दिन देशभर में खास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और महर्षि वाल्मीकि की झांकी (शोभायात्रा) निकाली जाती है, जिसमें लोग उनकी शिक्षाओं और आदर्शों को याद करते हैं.
इस साल महर्षि वाल्मीकि जयंती 7 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को मनाई जाएगी. इस मौके पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. यानी इस दिन दोनों राज्यों में सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद रहेंगे, ताकि लोग इस पवित्र दिन को श्रद्धा और उत्साह के साथ मना सकें.
यूपी और दिल्ली में बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 7 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. सरकार के आदेश के अनुसार, यह अवकाश सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों व सरकारी विभागों में लागू होगा.
दरअसल, दिसंबर 2024 में जारी 2025 के वार्षिक अवकाश कैलेंडर में पहले से ही वाल्मीकि जयंती को छुट्टी के रूप में शामिल किया गया था. ऐसे में 7 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे.
इसी तरह, दिल्ली सरकार ने भी 7 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. इस दिन दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे.
राजधानी दिल्ली में इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें लोग महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनके आदर्शों और शिक्षाओं को याद करेंगे.
महर्षि वाल्मीकि जयंती का महत्व
महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत के प्रथम कवि और आदि कवि कहा जाता है. उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों पर आधारित रामायण महाकाव्य की रचना की, जो भारतीय संस्कृति, धर्म और साहित्य की एक अमूल्य धरोहर मानी जाती है. उनकी शिक्षाएँ समाज में समानता, न्याय और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देती हैं. महर्षि वाल्मीकि ने अपने लेखन और विचारों से यह संदेश दिया कि हर व्यक्ति अपने कर्म और सदाचार से महान बन सकता है.













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