उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को दोपहर 1:40 बजे बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी. इस त्रासदी में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 10 से अधिक लोग मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय निवासी राजेश पंवार के अनुसार, 20-25 होटल और होमस्टे इस बाढ़ में बह गए हैं. धराली गांव, जो गंगोत्री यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का अंतिम पड़ाव माना जाता है, अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है. यहां हर साल हजारों तीर्थयात्री और पर्यटक आते हैं.
यह बादल फटना एक स्थानीय धारा के कैचमेंट एरिया में हुआ, जो आगे जाकर पवित्र भगीरथी नदी से मिलती है. अचानक आए इस जलप्रलय में बोल्डर, मलबा और कीचड़ की बाढ़ गांव में घुस गई और देखते ही देखते घर, दुकानें, होटल और होमस्टे सब कुछ बहा ले गई.
कैमरे में कैद हुई तबाही, सोशल मीडिया पर वायरल
#Uttarakhand cloudburst: Flash floods hit #Uttarkashi; several villagers washed away
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— The Times Of India (@timesofindia) August 5, 2025
धराली में भारी विनाश
💔 Massive Tragedy in Uttarakhand 💔
A powerful cloudburst hit Dharali village near Gangotri Dham in Uttarkashi around 1:45 PM on 6th August 2025, triggering a devastating mudslide and flash flood. 🌊 Homes were swept away within seconds, and over 60 people are feared missing. 😢… pic.twitter.com/eIjJpZP0sq
— υяvι (@Urvi535318) August 5, 2025
धराली गांव की तबाही के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. इन दृश्यों में साफ दिख रहा है कि कैसे तेज बहाव में बड़े-बड़े होटल चंद सेकंड में जमींदोज हो गए और पूरा इलाका कीचड़ में डूब गया.
2021 की चमोली आपदा जैसी भयावहता
चश्मदीदों और अधिकारियों ने इस हादसे की तुलना 2021 की चमोली आपदा से की है, जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की जान गई थी. कई लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में इतनी तेज और विनाशकारी बाढ़ पहले कभी नहीं देखी.
गंगोत्री धाम से संपर्क टूटा
धराली के रास्ते गंगोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालु अब फंसे हुए हैं, क्योंकि सड़कों का संपर्क टूट गया है. प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन मूसलधार बारिश और मलबे के कारण राहत कार्यों में भारी मुश्किलें आ रही हैं.
धराली और इसके आस-पास के गांव गढ़वाल क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाने जाते हैं. यहां की शांति और हरियाली अब बर्बादी और मातम में बदल चुकी है. लोग अभी भी अपनों की तलाश में मलबे के ढेरों को निहार रहे हैं.













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