देहरादून: बुधवार सुबह उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर मौसम का नजारा पूरी तरह बदल गया. केदारनाथ (Kedarnath) और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी होते ही पर्वत चोटियां, रास्ते और मंदिर परिसर चमकदार सफेद बर्फ की चादर से ढक गए. ठंडी हवाएं और अचानक तापमान में गिरावट ने सर्दियों की शुरुआत का ऐलान कर दिया है. बद्रीनाथ (Badrinath) नगर पंचायत के अधिकारी सुनील पुरोहित के अनुसार, तड़के करीब 3 बजे बर्फ गिरना शुरू हुई, जो लगभग 7 बजे तक जारी रही.
इस दौरान मंदिर के पास की सड़कें और आसपास की पहाड़ियां पूरी तरह जम गईं. बर्फबारी इतनी तेज थी कि कुछ ही घंटों में पूरा इलाका सर्द हवाओं से सिहर उठा. पहाड़ों में बर्फबारी के साथ ही मैदानों में भी ठिठुरन महसूस होने लगी है.
तीर्थयात्रियों का जोश नहीं हुआ कम
इस समय बद्रीनाथ में 1,000 से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद हैं. कड़कड़ाती ठंड के बावजूद लोगों ने बर्फ में नहाए मंदिर के दर्शन का अवसर नहीं छोड़ा. कोलकाता से आए 45 वर्षीय यात्री शुभंकर चटर्जी ने बताया, “बहुत ठंड थी, लेकिन बर्फ से ढका मंदिर देखने का अनुभव जीवनभर याद रहेगा.” इसी तरह केदारनाथ धाम में भी मंदिर परिसर और पैदल मार्ग बर्फ की मोटी परत से ढक गए.
बाबा केदार के धाम में हुई भारी बर्फबारी
बर्फ की श्वेत चादर ओढ़े बाबा केदार की नगरी का विहंगम दृश्य।#Kedarnath#Uttarakhand#Rudraprayag pic.twitter.com/lcptAWLDB0
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) November 5, 2025
बद्रीनाथ धाम की खूबसूरत तस्वीरें
बद्रीनाथ : बद्रीनाथ धाम में सीजन की पहली बर्फबारी
➡ पूरा बद्रीनाथ धाम सफेद चादर से ढक गया
➡ पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी
➡ बर्फबारी से अब मैदानी इलाकों में बढ़ी ठंड#Badrinath #FirstSnowfall #Uttarakhand #WinterSeason pic.twitter.com/K7w4omq8g4
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) November 5, 2025
प्रशासन और सुरक्षा दल पूरी तरह अलर्ट
धामों में भले ही जल्द ही कपाट बंद होने वाले हों, लेकिन सुरक्षा में कोई कमी नहीं रखी गई है. केदार सभा के पुजारी आनंद शुक्ला ने बताया कि ITBP और BKTC के सदस्य लगातार निगरानी में जुटे हुए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि बर्फबारी गरुड़ चट्टी तक देखी गई.
बद्रीनाथ धाम का अद्भुत दृश्य
Shri Badrinath dham this morning
Video from Ishwar Nautiyal Ji pic.twitter.com/Sfx2kRUWHs
— Weatherman Shubham (@shubhamtorres09) November 5, 2025
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बद्रीनाथ में लगभग चार से पांच घंटे तक बर्फबारी चली, जबकि केदारनाथ में यह सिलसिला थोड़ा और लंबा रहा. हालांकि, “बद्रीनाथ जाने वाले सभी रास्ते खुले हैं और तीर्थयात्री सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकते हैं.” बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 25 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होने वाले हैं.













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