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Uttarakhand: CM धामी ने दिए निर्देश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मध्य आस्तियों और दायित्वों के लंबित प्रकरणों का हो जल्द निस्तारण

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित विभाग के उच्चाधिकारियों को दिये हैं.

Uttarakhand: CM धामी ने दिए निर्देश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मध्य आस्तियों और दायित्वों के लंबित प्रकरणों का हो जल्द निस्तारण
सीएम पुष्कर सिंह धामी (Photo Credits Uttarakhand Govt)

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित विभाग के उच्चाधिकारियों को दिये हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी सम्बन्धित विभाग इस सम्बन्ध में पूरा होमवर्क तैयार कर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें ताकि उच्चस्तर पर होने वाली बैठकों में संबंधित विषयों पर मजबूती से राज्य का पक्ष रखा जा सके. उत्तराखंड के विकास के कार्यों में आएगी तेजी, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इन प्रमुख इन योजनाओं के लिए जारी किया 3154 लाख रुपये का बजट.

मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में राज्य पुनर्गठन द्वारा आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपनी कार्ययोजना 10 अक्टूबर तक तैयार कराना सुनिश्चित करें ताकि उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के मुख्य सचिवों की आयोजित होने वाली बैठक में इन पर नीतिगत निर्णय लिये जाने के सम्बन्ध में आपसी सहमति बन सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिवों की बैठक में होने  वाले विचार विमर्श के बाद संबंधित विषयों पर अंतिम निर्णय लिये जाने के सम्बन्ध में वे स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लम्बे समय से लंबित प्रकरणों का निस्तारण राज्य हित में जरूरी है. अतः सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के विषयों का स्पष्ट विवरण भी तैयार करें ताकि आगामी बैठकों में इन पर निर्णय लिये जाने में सुविधा हो. उन्होंने भारत सरकार के स्तर पर लिये जाने वाले निर्णयों तथा मा. उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों की प्रभावी पैरवी किये जाने के भी निर्देश दिये. इस सम्बन्ध में सचिव ऊर्जा के साथ शासन के किसी उच्चाधिकारी को नामित किये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएचडीसी में उत्तर प्रदेश सरकार की अंशपूजी उत्तराखण्ड को हस्तांतरित किये जाने का जो प्रकरण वर्तमान मा. उच्चतम न्यायालय में लम्बित है उसके लिये भी प्रभावी पैरवी कर मजबूती के साथ राज्य का पक्ष रखा जाय. उन्होंने कहा कि राज्य के वाजिब हितों के लिये सभी स्तरों पर प्रभावी कार्यवाही की जानी चाहिए.

सचिव पुनर्गठन डॉ. रणजीत सिन्हा ने इस सम्बन्ध में अब तक हुई प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सिंचाई विभाग उत्तराखण्ड को जनपद उधमसिंह नगर हरिद्वार एवं चम्पावत में कुल 379.385 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण, जनपद हरिद्वार में आवासीय/अनावासीय भवनों का हस्तांतरण गंग नहर से 665 क्यूसेक जल उपलब्ध कराने, जनपद उधमसिंह नगर तथा हरिद्वार की नहरों को राज्य को दिये जाने, नानक सागर, धौरा तथा बेंगुल जलाशय को पर्यटन एवं जल क्रीड़ा हेतु उपलब्ध कराये जाने के साथ टीएचडीसी में उत्तर प्रदेश की अंश पूंजी  उत्तराखण्ड को हस्तांतरित करने, मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना हेतु लिये गये ऋण के समाधान के साथ परिवहन, वित्त, आवास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति वन कृषि से सम्बन्धित कतिपय विषयों पर निर्णय लिया जाना अपेक्षित है.

बैठक में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, प्र. सचिव श्री एस मनराल, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल श्री उमेश नारायण पाण्डेय, प्रबन्ध निदेशक यूजेवीएनएल श्री मुकेश सिंघल, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम डॉ. जे.के. शर्मा आदि उपस्थित थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2021 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).