योगी सरकार का बड़ा फैसला, रेप जैसे मामलों के लिए बनेंगे 218 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट
योगी सरकार ने प्रदेश में 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मंजूरी दी है. इसमें रेप के मामलों को 144 फास्ट ट्रैक कोर्ट और पोक्सो एक्ट से जुड़े मामलों को 74 फास्ट ट्रैक कोर्ट देखेंगे.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Govt) ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मंजूरी दी है. इसमें रेप के मामलों को 144 फास्ट ट्रैक कोर्ट और पोक्सो एक्ट से जुड़े मामलों को 74 फास्ट ट्रैक कोर्ट देखेंगे. उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों को देखते हुए यूपी कैबिनेट ने रेप, बाल और महिला उत्पीड़न के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाए जाने के लिए मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का निर्णय लिया है. यह निर्णय सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट ने लिया.
उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और दोषियों को सजा दिलाने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है. पाठक ने बताया राज्य में 42389 पोस्को और 25749 बलात्कार के मामले अभी पेंडिंग है. ब्रजेश पाठक ने बताया कि इसके जजों की भर्ती जल्द शुरू की जाएगी. रिपोर्ट्स के अनुसार हर कोर्ट का खर्च 75 लाख रुपये आएगा.
महिलाओं के हित के लिए बड़ा फैसला-
Brajesh Pathak, UP Law Minister: In the view of crimes against women and children, 218 fast track courts to be established- 144 courts to hear rape cases and 74 courts to hear POCSO cases; Presently, there are 42389 POCSO cases and 25749 rape cases pending. (file pic) pic.twitter.com/zMIuItYwyp
— ANI UP (@ANINewsUP) December 9, 2019
बता दें कि महिला सुरक्षा और कानून को लेकर सूबे की योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है. उन्नाव रेप पीड़िता की मौत के बाद राज्य में जमकर प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं कर रही है. यूपी के उन्नाव में बीते 11 महीनों में रेप के 89 मामले सामने आए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 09, 2019 12:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

